राजस्थान: BJP के प्रदेश स्तरीय आयोजन के मंच से वसुंधरा राजे की तस्वीर नदारद

वसुंधरा राजे अभी विधायक के स्टेटस में हैं. संभव है केवल विधायक की हैसियत मानते हुए पार्टी ने पूर्व मुख्यमन्त्री का फोटो मंच पर नहीं लगाया हो.

राजस्थान: BJP के प्रदेश स्तरीय आयोजन के मंच से वसुंधरा राजे की तस्वीर नदारद
बीजेपी के इस कार्यक्रम में वसुंधरा राजे की तस्वीर मंच से गायब रही.

जयपुर/ शशि मोहन: बीजेपी लोकसभा चुनाव के लिए फिर से सक्रिय होती दिख रही है. नए साल के पहले गुरूवार को पार्टी का पहला बड़ा आयोजन भी किया गया. सभी सात अग्रिम मोर्चों के प्रदेश स्तर के पदाधिकारियों के साथ ही जिलाध्यक्ष भी बुलाए, लेकिन मंच पर पूर्व मुख्यमन्त्री वसुंधरा राजे को जगह नहीं दी गई. कार्यक्रम में मंच के बैकड्रॉप में लगाए बैनर पर बीजेपी के संस्थापक डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी और पण्डित दीनदयाल उपाध्याय का फोटो था. इसके साथ ही नरेन्द्र मोदी और अमित शाह के दो कट-आउट भी मंच पर लगाये गए, लेकिन वसुंधरा राजे को मंच पर जगह नहीं मिली. पूर्व मुख्यमन्त्री का एक मात्र कट-आउट हॉल में नीचे पदाधिकारियों की दीर्घा के पास लगाया गया, लेकिन जब सवाल उठे तो बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व मन्त्री अरुण चतुर्वेदी ने कहा कि बीजेपी व्यक्ति आधारित पार्टी नहीं बल्कि विचारधारा आधारित संगठन है.

वसुंधरा राजे अभी विधायक के स्टेटस में हैं. संभव है केवल विधायक की हैसियत मानते हुए पार्टी ने पूर्व मुख्यमन्त्री का फोटो मंच पर नहीं लगाया हो. लेकिन इस मंच पर तो प्रदेशाध्यक्ष मदनलाल सैनी की फोटो को जगह ही नहीं दी गई. प्रदेश स्तर के कार्यक्रम में न सिर्फ मंच पर बल्कि पूरे कार्यक्रम या हॉल में कहीं भी प्रदेशाध्यक्ष की फोटो नहीं दिखाई दी. ऐसे में सवाल पार्टी की सोच और कार्यक्रम के कर्णधारों पर भी उठने लगे हैं. 

कार्यकर्ताओं के बीच इस बात की चर्चा हो रही है कि यह सब अनायास ही हो गया या व्यवस्था की निगरानी देख रहे लोगों के इशारे पर प्रदेश स्तर के दो बड़े चेहरों की अनदेखी की गई? सवाल पर बीजेपी के प्रदेश मन्त्री मुकेश दाधीच ने कहा कि पहले भी ऐसे कई कार्यक्रम हुए हैं जिनमें प्रदेशाध्यक्ष की फोटो नहीं लगी. हालांकि, इस खामी को छिपाते हुए संगठन की पैरवी करने वाले बीजेपी नेता ऐसी अनदेखी की कोई पुरानी मिसाल नहीं दे सके.

अब बीजेपी में वसुंधरा राजे की फोटो मंच से गायब है तो प्रदेशाध्यक्ष मदनलाल सैनी की फोटो को तो पूरे कार्यक्रम में कहीं पर भी जगह नहीं मिली. सैनी की फोटो नदारद होने के बाद संगठन में बदलाव की चर्चा जोर पकड़ने लगी है. उधर कार्यकर्ताओं में वसुंधरा की फोटो को मंच पर जगह नहीं मिलने पर यह चर्चा होती रही कि इसे विधानसभा चुनाव में बीजेपी की हार के रूप में देखा जाए या लोकसभा चुनाव में पार्टी के लिए जीत के मन्त्र के रूप में?