Covid 19 से निपटने के लिए तैयार राजस्थान, जानिए कितना मजबूत है हैल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर

राजस्थान में कोरोना संक्रमण की बढ़ती संख्या को देखते हुए राजस्थान सरकार ने संक्रमित मरीजों के इलाज के लिए राजस्थान का हैल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर और मजबूत कर लिया है.

Covid 19 से निपटने के लिए तैयार राजस्थान, जानिए कितना मजबूत है हैल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर
प्रतीकात्मक तस्वीर

जयपुर: राजस्थान में कोरोना संक्रमण की बढ़ती संख्या को देखते हुए राजस्थान सरकार ने संक्रमित मरीजों के इलाज के लिए राजस्थान का हैल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर और मजबूत कर लिया है. सूबे के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत कोरोना संक्रमण से पहले निरोगी राजस्थान का जो लक्ष्य लेकर चल रहे थे उस अभियान को अब राजस्थान के मजबूत हैल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर का फायदा मिल सकेगा. कोविड से निपटने के लिए राजस्थान में वृहद स्तर पर 407 अस्पतालों और कोविड केयर सेंटर में 43,704 बेडों की व्यवस्था की गई हैं, जिनमें से 8090 बेडों पर ऑक्सीजन की सुविधा उपलब्ध हैं, 1672 आईसीयू बेड हैं और 882 वेंटिलेटर हैं. 

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अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य और परिवार कल्याण रोहित कुमार सिंह ने बताया कि “राजस्थान सरकार का ध्यान राज्य के लोगों की जिंदगी बचाने पर सबसे ज्यादा है. कोविड-19 संकट से निपटने के लिए राजस्थान के प्रत्येक जिले में बुनियादी ढांचे की उपलब्धता के साथ कोविड के संक्रमित मामलों पर नजर रखी जा रही है. राजस्थान में 16 जून की सुबह तक कुल पॉजिटिव का आंकड़ा 13096 हो चुका है, जिनमें से 9794 मरीज रिकवर हो चुके हैं. रिकवर होकर डिस्चार्ज होने वालों की संख्या 9567 हो चुकी है.
राजस्थान में बेशक औसतन करीब 250 नये संक्रमित मरीज हर दिन दर्ज हो रहे हैं, लेकिन करीब 75 प्रतिशत से अधिक रिकवरी रेट के साथ मरीज ठीक भी हो रहे हैं.

राजस्थान के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने बताया कि कोरोना के प्रति आमजन में जागरूकता के लिए राजस्थान में 21 से 30 जून तक चलने वाले  प्रदेशव्यापी विशेष अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर एक्टिव सर्विलांस करेंगी और लोगों को कोरोना की रोकथाम और नियंत्रण के लिए बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में भी जागरूक करेंगी. चिकित्सा मंत्री ने बताया कि पड़ौसी राज्य हरियाणा, पंजाब, दिल्ली जहां कोरोना का प्रसार ज्यादा है और जांचों की संख्या कम है. इन राज्यों के लिए 5 हजार जांचें प्रतिदिन राजस्थान में करने का फैसला राज्य सरकार द्वारा लिया गया है.

2 मार्च तक प्रदेश में कोरोना जांच की सुविधा तक नहीं थी लेकिन आज 25 हजार 250 जांच प्रतिदिन करने की क्षमता विकसित कर ली है और आने वाले दिनों में यह लक्ष्य 40 हजार तक पहुंच जाएगा. कोरोना रिकवरी में राजस्थान देश भर में नंबर-1 पायदान पर है. प्रदेश में कोरोना से पीड़ित 28 दिनों में दोगुने हो रहे हैं. यही नहीं प्रदेश में कोरोना की मृत्यु दर भी 2.28 प्रतिशत ही है. राजस्थान के स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि एक समय प्रदेश में 7.25 लाख लोग होम क्वारंटीन और 34 हजार लोग इंस्टीट्यूशनल क्वांरटीन में थे. वहीं, अब केवल 1.25 लाख लोग होम क्वारंटीन में और करीब 4 हजार लोग इंस्टीट्यूशनल क्वांरटीन में हैं.  

राजस्थान सरकार ने बेडों की उपलब्धता को देखते हुए 45,482 पीपीई किट और 100755 एन -95 मास्क, सैनिटाइज़र का स्टाक रखा हुआ है. साथ में, राज्य के सभी जिलों में निरंतर मॉनिटरिंग रखी जा रही है. अगर किसी जिले में सप्लाई की जरुरत पड़ते ही स्टाक वक्त पर मुहैया कराया जा रहा है. राजस्थान सरकार ने अब तक 6 लाख 92 हजार से अधिक कोविड जांच की हैं और राज्य में कोरोना पॉजिटिव की डबलिंग रेट 28 दिनों तक पहुंच गई है.

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