राजस्थान: बिजली की दरों में बढ़ोतरी पर सतीश पूनिया ने सरकार पर साधा निशाना, कहा...

सतीश पूनिया ने कहा कि बिजली की दरों में बढ़ोतरी करके सरकार ने जनाक्रोश बढ़ाने का काम किया है. इसके चलते आने वाले दिनों में सरकार जनाक्रोश का सामना करने के लिए तैयार रहे.

राजस्थान: बिजली की दरों में बढ़ोतरी पर सतीश पूनिया ने सरकार पर साधा निशाना, कहा...
आयोग ने अलग-अलग कैटेगिरी के हिसाब से बिजली की दरें तय की है.

जयपुर: राजस्थान में बिजली की दरों में बढ़ोतरी हुई है और इस इलेक्ट्रिक शॉक के साथ ही बीजेपी ने भी सरकार को घेरने की कवायद शुरू कर दी है. बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि विधानसभा चुनाव से पहले अपने घोषणा पत्र में कांग्रेस ने किसान को राहत देने का वादा किया था. कांग्रेस ने दिन में बिजली देने की बात कही थी लेकिन ना तो किसान को दिन में नियमित रूप से बिजली मिल रही है ना ही राहत. 

साथ ही, सतीश पूनिया ने कहा कि बिजली की दरों में बढ़ोतरी करके सरकार ने जनाक्रोश बढ़ाने का काम किया है. इसके चलते आने वाले दिनों में सरकार जनाक्रोश का सामना करने के लिए तैयार रहे. पूनिया ने कहा कि ऐसा लगता है जैसे यह सरकार संवेदनाएं खो चुकी है.

बता दें कि, राजस्थान के लगभग एक करोड 40 लाख बिजली उपभोक्ताओं के राजस्थान विद्युत विनियामक आयोग में बिजली की नई दरें तय कर दी हैं. आयोग ने अलग-अलग कैटेगिरी के हिसाब से बिजली की दरें तय की है. आयोग के अध्यक्ष श्रीमत पाण्डेय ने बताया कि प्रदेश में एक करोड़ चालीस लाख बिजली उपभोक्ता हैं. इनमें से तकरीबन पचास फीसदी इस बढ़ोत्तरी के दायरे से बाहर रहेंगे. पाण्डेय ने बताया कि बीपीएल कैटेगिरी के साथ ही आस्था कार्ड धारक और किसानों पर टैरिफ बढ़ोत्तरी का भार नहीं पड़ेगा. हालांकि यह बात अलग है कि आयोग ने एग्रीकल्चर की बिजली की दरें बढ़ाई हैं. इस कैटेगिरी में बढ़ी हुई दरों का भार सरकार ही वहन करेगी.

विद्युत नियामक आयोग ने अलग-अलग कैटेगिरी के हिसाब से टैरिफ तय किया है. साथ ही, इसमें बिजली कम्पनियों पर छीजत रोकने के मामले में भी सख्ती दिखाई है. आयोग ने कहा कि बिजली कम्पनियों के टी एण्ड डी घाटे 15 फीसदी से ज्यादा नहीं हो सकते. अगर ऐसा हुआ तो उसका खर्चा बिजली कम्पनियों को ही भुगतना होगा. आयोग ने ऐसा इसलिए किया, जिससे छीजत का भार उपभोक्ता पर नहीं पड़े. 

इसके अलावा राजस्थान नियामक आयोग ने कृषि की दरों में भी बढोतरी की है. जिसमें ब्लॉक हावर में सप्लाई होने वाले स्थानों पर अब 80 पैसे प्रतियूनिट की बढोतरी की गई है. वहीं फिक्स चार्ज 15 रूपए प्रति एचपी से बढाकर तीस कर दिया है. ब्लॉक हॉवर से ज्यादा बिजली लेने वाले किसानों को 1.05 पैसे की बढोतरी की गई है. फिक्स चार्ज में तीस रू एचपी से बढाकर साठ रूपए प्रति एचपी किया गया है. इसके अलावा ..फ्लैट और बिना मीटर वाले कृषि कनेक्शनों में 90 रूपए की बढ़ोतरी की गई है. वहीं ब्लॉक हॉवर से ज्यादा बिजली लेने वाले किसानों, पर 130 रुपए प्रति एचपी बढाया है. फिक्स चार्ज तीस से बढाकर कर साठ रूपए प्रति एचपी किया गया है.