राजस्थान: विधानसभा में शून्यकाल को लेकर अध्यक्ष सीपी जोशी ने दी मंत्रियों हिदायत...

राजस्थान विधानसभा में शून्यकाल के दौरान उस वक्त बेहद गंभीर स्थिति बन गई जब खुद विधानसभा अध्यक्ष ने अपने आपको प्रताड़ित बताया. 

राजस्थान: विधानसभा में शून्यकाल को लेकर अध्यक्ष सीपी जोशी ने दी मंत्रियों हिदायत...
अधिकांश मंत्री प्रश्न काल के खत्म होने के बाद सदन से चले जाते हैं.

जयपुर: राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष सी.पी. जोशी ने गुरुवार को मंत्रियों से कहा कि वे शून्यकाल के दौरान विधानसभा में मौजूद रहें, नहीं तो वह उनके (मंत्रियों के) चेंबर में ताला लगवा देंगे जिससे उन्हें सदन में आना ही पड़ेगा. अधिकांश मंत्री प्रश्न काल के खत्म होने के बाद सदन से चले जाते हैं.

शून्य काल के दौरान जब विधायक मुद्दा उठाते है तो ज्यादातर मंत्री सदन में प्रश्न का जवाब देने के लिए नहीं रहते हैं. मंत्रियों के गैरहाजिरी का मुद्दा विपक्ष के नेता गुलाब चंद कटारिया व विपक्ष के उप नेता राजेंद्र राठौर ने बुधवार को उठाया था.

राजस्थान विधानसभा में शून्यकाल के दौरान उस वक्त बेहद गंभीर स्थिति बन गई जब खुद विधानसभा अध्यक्ष ने अपने आपको प्रताड़ित बताया. अध्यक्ष ने आसन पर से ही कह दिया कि वे खुद इस कुर्सी पर बैठकर खुद को प्रताड़ित महसूस कर रहे हैं.

अध्यक्ष की इस टिप्पणी के बाद पूरे सदन में खामोशी छा गई. इस पर सदन के नेता के नाते खुद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने स्थिति संभाली और सदन को सुचारू तरीके से चलाने के साथ ही विपक्ष की बात का सम्मान करने की बात कही.

दरअसल, पूरा मामला तब हुआ जब बीजेपी की नारेबाजी के बाद संसदीय कार्य मन्त्री शांति धारीवाल ने बीजेपी के विधायकों को प्रताड़ित करने की मांग की. धारीवाल ने अध्यक्ष से कहा कि वे हमेशा सत्ता पक्ष को ही प्रताड़ित करते हैं. जबकि सदन में विपक्ष को भी उसके आचरण के लिए प्रताड़ित करना चाहिए. इस पर अध्यक्ष ने खुद को प्रताड़ित महसूस करने की बात कही. 

(इनपुट-आईएएनएस)