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राजस्थान: एनजीटी के आदेश पर गठित होगी एसटीएफ, गृह विभाग में किया जा रहा मंथन

इस आदेश की पालना के लिए गृह मंत्रालय से लेकन वन पर्यावरण मंत्रालय तक राज्य सरकार को लिख चुका है. राज्य में गृह विभाग ने पिछले दिनों पुलिस महानिदेश को पत्र लिखकर एनजीटी के आदेश की पालना के निर्देश दिए थे.

राजस्थान: एनजीटी के आदेश पर गठित होगी एसटीएफ, गृह विभाग में किया जा रहा मंथन
प्रदेश में ठोस कचरा नीति का ड्राफ्ट बनाया जा रहा है.

विष्णु शर्मा, जयपुर: प्रदेश में उद्योगों से निकलने वाले अपशिष्टों के कारण पर्यावरण को प्रदूषण से बचाने के लिए स्पेशल टॉस्क फोर्स गठित करने की तैयारी है. राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण के आदेश के बाद पुलिस मुख्यालय ने एसटीएफ गठन का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेज दिया है. फिलहाल एसटीएफ गठन के प्रस्ताव पर गृह विभाग में मंथन किया जा रहा है. 

उद्योगों के कारण प्रदेशभर में प्रदूषण फैला रहा है. उद्योगों से निकलने वाले अपशिष्टों को नदी, नालों और खुले स्थानों पर फैला दिया जाता है. वाहनों से अवैध रूप से अपशिष्ट पदार्थ परिवहन किए जा रहे हैं. बिना स्वीकृति के स्थापित होने वाली औद्योगिक इकाइयां वातावरण को प्रदूषित कर रही है. इसे लेकर नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण ने इस साल 17 मई को आदेश जारी किया था. 

इस आदेश की पालना के लिए गृह मंत्रालय से लेकन वन पर्यावरण मंत्रालय तक राज्य सरकार को लिख चुका है. राज्य में गृह विभाग ने पिछले दिनों पुलिस महानिदेश को पत्र लिखकर एनजीटी के आदेश की पालना के निर्देश दिए थे. इसके बाद पुलिस मुख्यालय से एडीजी पुलिस कल्याण भूपेंद्र कुमार दक ने एसटीएफ गठन का प्रस्ताव बनाकर राज्य सरकार को भेजा. 

राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण के आदेश में उद्योगों से निकलने वाले अपशिष्टों को नदी नालों और खुले स्थानों पर फैलने से रोकने, अवैध रूप से कार्य करने वाले वाहनों को जब्त करने, औद्योगिक क्षेत्र में बिना स्वीकृति किसी ईकाई को स्थापित होने से रोकने, अवैध इकाई स्थापित हैं तो उसे सीज करने निर्देश दिए गए हैं. पुलिस मुख्यालय ने इस कार्रवाई को थाना स्तर पर लागू करना संभव नहीं बताते हुए एसटीएफ गठन की जरूरत बताई. इधर प्रदेश में ठोस कचरा नीति का ड्राफ्ट बन रहा है. प्लास्टिक और अन्य वेस्ट के निस्तारण के लिए ड्राफ्ट बनाया गया है. हालांकि, ठोस कचरा नीति अभी प्रदेश में लागू होने के इंतजार में है.