राजस्थान: लगातार 7वें दिन जारी रोडवेज की हड़ताल, नहीं निकला कोई समाधान

रोडवेज की हड़ताल के कारण बुजुर्गों और दिव्यांग को ज्यादा कीमत देकर सफर करना पड़ रहा है.

राजस्थान: लगातार 7वें दिन जारी रोडवेज की हड़ताल, नहीं निकला कोई समाधान
राजस्थान रोडवेज ने 27 जुलाई को हुए सरकारी समझौते को लागू करने की मांग की है.

जयपुर: राजस्थान के हर क्षेत्र व ढाणी में पहुंचने वाली रोडवेज के पहिए पिछले 6 दिनों से जाम पड़े हैं. हर गली हर शहर में पहुंचने वाली है रोडवेज बंद होने के चलते शहर ही नहीं गांव के भी लोग परेशान होने लगे हैं. लोगों की परेशानी के साथ ही रोडवेज सेवाओं से लाभान्वित होने वाले बुजुर्ग दिव्यांग लोगों को बहुत मुश्किलों का समाना करना पड़ रहा है. रोडवेज की हड़ताल के कारण बुजुर्गों और दिव्यांग को ज्यादा कीमत देकर सफर करना पड़ रहा है.

बता दें कि राजस्थान सरकार, राजस्थान रोडवेज के माध्यम से 40 तरह की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से दिव्यांग बुजुर्ग महिला सहित अन्य लोगों को लाभान्वित कर रही थी. जो पिछले 6 दिनों से बंद पड़ी है. रोडवेज को न सिर्फ घाटा उठाना पड़ रहा है बल्कि उन लोगों को भी परेशानी हो रही है जो केवल रोडवेज बसों के माध्यम से ही सफर किया करते थे. रोडवेज यात्रियों का कहना है कि सरकार जल्दी ही रोडवेज की सुविधा को बहाल करवाना चाहिए जिससे की दूरदराज से आने जाने वाले लोगों को राहत मिल सके.

उधर राजस्थान रोडवेज के छठे दिन कर्मचारियों ने अपना रुख उग्र करना शुरू कर दिया है. कर्मचारियों ने आज रोडवेज मुख्यालय के पास गुजरने वाली प्राइवेट बसों का विरोध किया. यहां तक की रोडवेज कर्मचारियों ने प्राइवेट बसों को वस स्टॉप पर रुकने तक नहीं दिया और साथ ही उनसे लड़ाई-झगड़ा भी किया. मामले की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची पर मामला शांत कराने का प्रयास किया. लेकिन रोडवेज कर्मचारियों ने मुख्यालय पर खड़ी बसों पर खड़े होकर प्रदर्शन करना शुरू कर दिया.

गौरतलब है कि राजस्थान रोडवेज ने 27 जुलाई को हुए सरकारी समझौते को लागू करने की मांग की है. कर्मचारियों का कहना है कि अगर जल्द ही समझौते को लागू नहीं किया गया तो कर्मचारी किसी भी हद तक जा सकते है.

उधर रोडवेज कर्मचारी नेता बनवारी लाल जांगिड़ का कहना है कि सरकार और कर्मचारियों की अड़ियल रवैये के चलते सिर्फ जनता परेशान हो रही है. इस चक्के जाम से न सिर्फ शहरी लोग बल्कि ग्रामीण व दिव्यांग लोग भी परेशानी का सामना उठा रहे हैं. उम्मीद है सरकार और रोडवेज कर्मचारियों के बीच सुलह होगी और जल्द रोडवेज के बस सड़कों पर दौड़ने शुरू होंगे.