राजस्थान: धरने पर बैठे RAS 2016 की परीक्षा में चयनित छात्र, नियुक्ति की मांग पर अड़े

अभ्यर्थियों से मिलने के लिए रविवार को सवाईमाधोपुर की पूर्व विधायक दीया कुमारी पहुंची और सरकार से वार्ता का आश्वासन दिया

राजस्थान: धरने पर बैठे RAS 2016 की परीक्षा में चयनित छात्र, नियुक्ति की मांग पर अड़े
15 महीनों से इन 725 चयनित अभ्यर्थियों का धरना चल रहा है

ललित कुमार/जयपुर: सालों की मेहनत से रास्ता तय कर मंजिल हासिल की लेकिन मंजिल है की अपने दरवाजे खोलने को तैयार ही नहीं. कुछ ऐसे ही हालातों से सामना करना पड़ रहा है. आरएएस भर्ती परीक्षा 2016 में चयनित 725 अभ्यर्थियों को करीब 15 महीने पहले सभी प्रक्रिया पूरी होने के बाद इन चयनित अभ्यर्थियों को अब इंतजार है सिर्फ नियुक्ति का. लेकिन नियुक्ति है कि मिलती ही नहीं. नियुक्ति की मांग को लेकर ये चयनित अभ्यर्थी पिछले 15 महीनों से गुहार से लेकर आंदोलन तक की राह अपना चुके हैं. 

बीते एक सप्ताह से किराए के एक मैरिज गार्डन में धरना दे रहे आरएएस 2016 के चयनितों को प्रशासन ने शुक्रवार को धरने से हटा दिया. जिसके बाद शनिवार से इन चयनित अभ्यर्थियों ने राविवि के मुख्य गेट पर डेरा डाला. साथ ही चेतावनी भी दी है की जब तक नियुक्ति नहीं दी जाती तब तक अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा. जरुरत पड़ी तो आमरण अनशन पर भी चयनित अभ्यर्थी बैठेंगे. इन्हीं अभ्यर्थियों से मिलने के लिए रविवार को सवाईमाधोपुर की पूर्व विधायक दीया कुमारी पहुंची और सरकार से वार्ता का आश्वासन दिया.

धरने पर बैठे चयनित महिला अभ्यर्थियों ने दीया कुमारी से आग्रह किया की वो बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ मिशन की ब्रांडएम्बेसेडर हैं. ऐसे में अब बेटियों के हक के लिए दीया कुमारी को आगे आना चाहिए. दीया कुमारी ने कहा की इससे पहले भी कई भर्तियों में समस्याएं आई हैं लेकिन सभी को नियुक्ति मिली है. ऐसे में इनकी नियुक्ति में जो परेशान आ रही है उसे जल्द ही सुलझाने के प्रयास किए जाएंगे और जल्द नियुक्ति दिए जाने को लेकर वार्ता की जाएगी.

अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया की पिछले 15 महीनों से आंदोलन कर रहे हैं. पहले बीजेपी सरकार और अब कांग्रेस सरकार इस ओर ध्यान नहीं दे रही है. जबकि आरएएस में चयन होने के बाद कई अभ्यर्थी ऐसे हैं जो आरएएस में चयन होने के बाद पहली की नौकरी छोड़ चुके हैं. ऐसे में अब इनको आर्थिक और मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा है.

राविवि के गेट पर चल रहे चयनित अभ्यर्थियों ने अब एक नई पहल भी राविवि में शुरू कर दी है. आरएएस की तैयारी कर रहे छात्र-छात्राओं को अब गेट पर ही निशुल्क क्लास दी जाएगी. इसके साथ ही यूनिवर्सिटी की लाइब्रेरी में भी छात्र-छात्राओं को क्लास देने को लेकर वार्ता की जा रही है. अभ्यर्थियों का कहना है कि 24 घंटे धरने पर बैठे हैं और हमारे अनुभव से राविवि के छात्र-छात्राओं को कुछ लाभ मिले तो इससे हमें काफी खुशी मिलेगी.

बहरहाल,15 महीनों से इन 725 चयनित अभ्यर्थियों का धरना चल रहा है. आरपीएससी जहां कटऑफ का मामला अदालत में विचाराधीन होने का हवाला दे रही है तो वहीं सरकार सिर्फ जल्द ही नियुक्ति देने का सिर्फ आश्वासन दे रही है. ऐसे में अब इन चयनित अभ्यर्थियों के सब्र का बांध टूटता जा रहा है.