राजस्थान: RAS परीक्षा की तिथि बढ़ाने को लेकर धरने पर बैठे छात्र

आरएएस भर्ती परीक्षा 2016 में चयनित अभ्यर्थियों को अभी तक नियुक्ति ही नहीं मिली है. वहीं दूसरी ओर आरएएस भर्ती परीक्षा 2018 भी विवादों में फंसती जा रही है. 

राजस्थान: RAS परीक्षा की तिथि बढ़ाने को लेकर धरने पर बैठे छात्र
हाईकोर्ट ने 2018 की मुख्य परीक्षा परिणाम पर लगाई थी रोक

ललित कुमार/जयपुरप्रदेश: के भावी आरएएस अधिकारी ही सिस्टम की अनदेखी का शिकार हो रहे हैं. जी हां पिछले एक सप्ताह से सैंकड़ों भावी आरएएस अधिकारी राजस्थान विश्वविद्यालय के मुख्य गेट पर अपनी मांगों को लेकर डेरा डाले हुए हैं. इन सैंकड़ों अभ्यर्थियों की सिर्फ एक ही मांग है कि 29 और 30 जनवरी को आयोजित होने वाली आरएएस मुख्य परीक्षा की तिथि 4 माह आगे बढ़वाई जाए. एक सप्ताह से राविवि के मुख्य गेट पर धरना दिया जा रहा है साथ ही मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट और शिक्षा मंत्री से लेकर तमाम मंत्रियों की दहलीज पर ये अभ्यर्थी अपनी गुहार लगा चुके हैं लेकिन इनको सिर्फ आश्वास ही मिल रहा है. जिसके चलते अब इनके सब्र का बांध टूटने लगा है.

आरएएस भर्ती परीक्षा 2016 में चयनित अभ्यर्थियों को अभी तक नियुक्ति ही नहीं मिली है. वहीं दूसरी ओर आरएएस भर्ती परीक्षा 2018 भी विवादों में फंसती जा रही है. पहले ओबीसी की कटऑफ जनरल से ज्यादा जाने की वजह से मामला कोर्ट में पहुंचा तो अब मुख्य परीक्षा की तिथि आगे बढ़वाने की मांग को लेकर प्रदेशभर में अनिश्चितकालीन धरने चल रहे हैं. लेकिन आरपीएससी परीक्षा तिथि आगे बढ़ाने के मूड में नजर नहीं आ रहा है.

मुख्य परीक्षा कि तिथियों को लेकर विवाद
गौरतलब है कि प्री-परीक्षा का परिणाम आने के बाद से ही यह परीक्षा कटऑफ को लेकर विवादों में उलझी रही. फिर मामला कोर्ट पहुंचा, कोर्ट ने करीब 7 हजार परीक्षार्थियों को राहत देते हुए 1 दिसम्बर 2018 को मुख्य परीक्षा में शामिल करने के आदेश दिया. लेकिन आरपीएससी की ओर से 13 दिसम्बर को इन 7 हजार परीक्षार्थियों के परिणाम जारी किया गया. पहले मुख्य परीक्षा 23, 24 दिसम्बर को आयोजित होनी थी लेकिन बाद में इसे बढ़ाकर 29 और 30 जनवरी किया गया. कोर्ट के आदेश के बाद मुख्य परीक्षा में शामिल परीक्षार्थियों ने इसका विरोध किया. जबकि मुख्य परीक्षा में चयनित पूजा का कहना है कि 13 दिसम्बर को परिणाम निकाला ऐसे में मुख्य परीक्षा की तैयारी के लिए महज 35 से 40 दिन का समय मिला जो पर्याप्त नहीं है.

आरएएस मुख्य परीक्षा के परिणाम पर है हाईकोर्ट की रोक
आरएएस 2016 में चयनित परिक्षार्थियों को अभी नियुक्ति का इंतजार है. जबकि इनकी नियुक्ति तक 2018 के मुख्य परीक्षा परिणाम पर हाईकोर्ट की रोक है. ऐसे में 2018 की मुख्य परीक्षा को जल्द करवाने की आरपीएससी की जिद को लेकर भी परीक्षार्थी सवाल खड़े करने लगे हैं. आरएएस प्री-परीक्षा की पहली लिस्ट में सफल विवेक का कहना है कि जब 2018 की मुख्य परीक्षा के परिणाम पर हाईकोर्ट की रोक है और मामला सुप्रीम कोर्ट में लम्बित चल रहा है तो ऐसे में आरपीएससी को मुख्य परीक्षा करवाने की इतनी जल्दबाजी क्यों है. इसके साथ ही जिस परीक्षा की तैयारी के लिए सालों लग जाते हैं उस परीक्षा की तैयारी महज 40 दिन में कैसे हो सकती है.

बहरहाल, एक सप्ताह से मंत्रियों के झूठे वादे और सिस्टम की नाकामी को दिखाने का ये भावी आरएएस अधिकारी प्रयास तो कर रहे हैं लेकिन कथित तौर पर प्रसाशन के तमाम कोशिशों के बावजूद इन छात्रों को अभी तक सिर्फ आश्वास के कुछ भी नहीं मिल पासा है. कड़ाके की सर्दी में यूनिवर्सिटी गेट पर चल रहे अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे इन अभ्यर्थियों के सब्र का बांध अब टूटने लगा है. वहीं सिस्टम को सुधारने के प्रण के साथ इस पेशे में कदम करने वाले ये भावी अधिकारी अब आंदोलन की चेतावनी देने लगे हैं.