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राजस्थान: शिक्षकों ने पहले स्कूली छात्र से की मारपीट फिर साफ कराया शौचालय

श्रवण ने बताया कि शिक्षकों ने उसकी दो बार पिटाई की और चेहरे और गालों पर थप्पड़ मारने से उसके दांतों में दर्द हो रहा है. ग्रामीणों के अनुसार विद्यालय में इन दिनों माहौल कुछ ठीक नहीं चल रहा है.

राजस्थान: शिक्षकों ने पहले स्कूली छात्र से की मारपीट फिर साफ कराया शौचालय
छात्र ने बताया कि शिक्षकों ने उसकी दो बार पिटाई की और चेहरे और गालों पर थप्पड़ मारे.

मनीष रामदेव, जैसलमेर: रामगढ़ के निकटवर्ती गांव खुईयाला में स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में शिक्षकों द्वारा एक छात्र की पिटाई करने का मामला सामने आया है. जब छात्र ने रोते हुए घर आकर मारपीट की घटना बताई तो छात्र का पिता शिकायत करने विद्यालय पहुंचा और शिक्षकों ने उसके साथ भी अभद्र व्यवहार किया. प्राप्त जानकारी के अनुसार खुईयाला निवासी लीलाराम मेघवाल का पुत्र श्रवण कुमार पांचवीं कक्षा में पढ़ता है. छात्र श्रवण कुमार ने विद्यालय के शिक्षक प्रागाराम, एकलव्य विष्नोई और चन्द्रप्रकाश पर मारपीट करने के साथ शौचालय साफ करवाने के गंभीर आरोप लगाए हैं. 

छात्र ने बताया कि शिक्षकों ने उसके साथ मारपीट की तथा जबरदस्ती गटर साफ करवाया और बाद में कहा कि हम तुझे पैसे देंगे तू घर पर किसी को नहीं बताना. छात्र ने घर आकर अपने परिजनों को स्कूल में हुई घटना के बारे में बताया. छात्र के पिता ने स्कूल जाकर इस संबंध में शिकायत की तो शिक्षकों ने उसके साथ अभद्र व्यवहार करते हुए अपशब्द कहे. 

लीलाराम आर्थिक रूप से कमजोर है तथा उसकी नेत्र ज्योति भी कम है. ऐसे में वह मजदूरी भी नहीं कर सकता है. अपने पुत्र के साथ हुई गटर साफ करवाने और मारपीट की शिकायत करने पुलिस चौकी पहंचा तो वहां भी उसकी नहीं सुनी गई. उनको रिपोर्ट लिखाने रामगढ़ थाने जाने का कह कर टरका दिया. दूसरे दिन गुरूवार को छात्र श्रवण के दांतों तथा अन्य स्थानों पर दर्द होने पर लीलाराम अपने बड़े बेटे भीखाराम को साथ लेकर श्रवण को जैसलमेर जवाहर चिकित्सालय ले गया जहां उसका उपचार करवाया. 

श्रवण ने बताया कि शिक्षकों ने उसकी दो बार पिटाई की और चेहरे और गालों पर थप्पड़ मारने से उसके दांतों में दर्द हो रहा है. ग्रामीणों के अनुसार विद्यालय में इन दिनों माहौल कुछ ठीक नहीं चल रहा है. पूर्व में भी छात्र के साथ मारपीट की घटना हो चुकी है. ग्रामीणों का आरोप है कि प्रधानाध्यापक अधिकांश विद्यालय में नहीं रहते और जो शिक्षक हैं वो शिक्षण कार्य पर ध्यान नहीं दे रहे हैं. ऐसे में विद्यार्थीयों का भविष्य अंधकारमय हो रहा है. खुईयाला विद्यालय में लम्बे समय से व्याप्त अनियमितताओं की तरफ न तो जिला प्रशासन ध्यान दे रहा है और न ही शिक्षा विभाग. इस संबंध में ग्रामीणों द्वारा समय समय पर जिम्मेदारों को अवगत कराया गया लेकिन हालात आज भी जस के तस हैं.