किसानों को राहत देगी राजस्थान टेक्निकल यूनिवर्सिटी की ये खोज, जानिए कैसे मिलेगा फायदा?

सिविल इंजीनियरिंग विभाग के पंकज, इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग के प्रीतम, बालमुकुंद, विवेक, मैकेनिकल विभाग के ईश्वर और कंप्यूटर साइंस विभाग के कौस्तुभ ने ऐसी डिवाइस तैयार की है, जिसके जरिए किसान घर बैठे ही खेत में लगी पानी की मोटर को बंद और शुरू कर सकेंगे.

किसानों को राहत देगी राजस्थान टेक्निकल यूनिवर्सिटी की ये खोज, जानिए कैसे मिलेगा फायदा?
इससे किसान अब खेत पर लगे पंप सेट को घर बैठे ही ऑन और ऑफ कर पाएंगे.

हिमांशू मित्तल, कोटा: राजस्थान टेक्निकल यूनिवर्सिटी (Rajasthan Technical University) के छात्र ने किसानों के लिए ख़ास इनोवेशन किया है. इससे किसान अब खेत पर लगे पंप सेट को घर बैठे ही ऑन और ऑफ कर पाएंगे. आरटीयू के सिविल इंजीनियरिंग के छात्र ने इसे तैयार किया है.

कृषि के क्षेत्र में आधुनिक तकनीक का उपयोग कितना लाभदायक हो सकता है, इसका उदाहरण राजस्थान टेक्निकल यूनिवर्सिटी के छह स्टूडेंट्स ने पेश किया है. सिविल इंजीनियरिंग विभाग के पंकज, इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग के प्रीतम, बालमुकुंद, विवेक, मैकेनिकल विभाग के ईश्वर और कंप्यूटर साइंस विभाग के कौस्तुभ ने ऐसी डिवाइस तैयार की है, जिसके जरिए किसान घर बैठे ही खेत में लगी पानी की मोटर को बंद और शुरू कर सकेंगे. इन्होंने किसानों के लिए एक ऑटोमेटेड स्विच गुरूजी बनाया.

डिवाइ, तैयार करने वाले छात्र पंकज ने बताया कि ग्रामीण इलाकों में बिजली आपूर्ति आए दिन प्रभावित होती है. कभी रात को ठंड में बिजली से चलने वाले पंप को ऑन करने जाना पड़ता है या फिर कभी खराब मौसम में बंद करने. यह किसान के लिए काफी जोखिम भरा और असुविधाजनक होता है. ऑटोमैटिक डिवाइस गुरुजी से किसान घर से ही अपने मोबाइल के जरिए खेतों में सिंचाई के लिए उपयोग होने वाले इलेक्ट्रिक पंप को शुरू या बंद कर सकते हैं. इससे किसानों के समय की बचत होगी.

कैसे काम करेगा गुरूजी
आरटीयू के स्टूडेंट्स द्वारा तैयार इस डिवाइस में चिप लगाकर उसको मोटर के स्टार्टर के पास फिट कर दिया जाएगा. यह डिवाइस माइको कंट्रोलर से कंट्रोल होगी. किसान चिप वाले नंबर पर कॉल करेगा तो टेलीकॉलर की तर्ज पर उसके सामने मोटर ऑन-ऑफ करने के ऑप्शन आएंगे. इसके बाद मोटर शुरू करने के लिए की-पैड पर नंबर 1 व बंद करने के लिए दो नंबर प्रेस करना होगा. 

Rajasthan Technical University

स्टूडेंट्स ने बिट टू बाइट रोबोटिक्स नाम से कंपनी बनाई है. राजस्थान सरकार ने स्टार्टअप पॉलिसी के तहत इस प्रोजेक्ट को वित्तीय सहायता के लिए भी चयनित किया है. ओर इस डिवाइज़ के साथ आरटीयू के फ़ेकेल्टी एडवाइज़र ने  इसको बड़ी उपलब्धि बताया है. ये डिवाइज़ निश्चित ही किसानों को बड़ी राहत देगा क्योंकि खेत पर जाना ओर पंपसेट को ऑन ओफ करना बड़ी चुनौती होता है. इस डिवाइज़ को तैयार करने में सफलता हासिल करने वाली टीम इस डिवाइज़ में और नए क्रिएशन करने में जुटी है ताकि किसानों को इसी डिवाइज़ से कुछ और फ़ायदा भी हो सके.