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राजस्थान: बिल्डर्स की बेनामी संपत्ती पर आयकर विभाग का एक्शन, किया प्रोवेजनली अटैच

रजिस्ट्री खर्चे के लिए भी करीब 2 करोड़ 62 लाख रूपए का भुगतान सीधे मंगलम बिल्ड डेवलपर्स लिमिटेड ने ही किया. 

राजस्थान: बिल्डर्स की बेनामी संपत्ती पर आयकर विभाग का एक्शन, किया प्रोवेजनली अटैच

जयपुर: राजस्थान के जयपुर में आयकर विभाग की बेनामी निषेध विंग का एक्शन जारी है. विभाग की विंग ने मंगलम बिल्ड डेवलपर्स लिमिटेड की बेनामी संपत्ति को प्रोवेजनली अटैच किया है. विभाग ने 35 बेनामी संपत्तियां प्रोवेजनली अटैच की हैं. यह प्रॉपर्टी जयपुर के शिवदासपुरा, वाटिका, महापुरा, सिरसी, बिंदायका और नटाटा गांवों में हैं. कुल 113 बीघा जमीन अटैच की गई है.

113 बीघा की कुल 35 संपत्तियां अटैच
आयकर विभाग राजस्थान की बेनामी निषेध यूनिट ने सोमवार को एक बड़ी कार्यवाही करते हुए जयपुर जिले के शिवदासपुरा, वाटिका, महापुरा, सिरसी, बिन्दायका और नटाटा गांवों में मंगलम बिल्डर्स ग्रुप की कंपनी मंगलम बिल्ड डेवेलपर्स लिमिटेड के द्वारा बिहारीलाल मीणा, रामलाल वर्मा और मंगलाराम बुनकर के नामों से खरीदी गई करीब 113 बीघा की कुल 35 संपत्तियों को प्रथम दृष्टया बेनामी मानते हुए बेनामी संपत्ति संव्यवहार निषेध अधिनियम, 1988 के प्रावधानों के तहत प्रोविजनल रूप से अटैच कर दिया है. 

आयकर छापे में हुआ था खुलासा 
आयकर विभाग की अन्वेषण शाखा के द्वारा नवम्बर 2016 में मंगलम ग्रुप के विभिन्न प्रतिष्ठानों पर सर्च की कार्यवाही की गयी थी जिसके दौरान जब्त दस्तावेजों से विभाग को यह जानकारी मिली थी कि मंगलम ग्रुप के द्वारा अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लोगों के नामों का इस्तेमाल करते हुए बड़े पैमाने पर संपत्तियां खरीदी हैं. जांच के बाद बेनामी निषेध यूनिट ने मंगलम बिल्ड डेवलपर्स लिमिटेड के द्वारा इस तरह से खरीदी गयी 38 संपत्तियां करीब डेढ़ साल पहले अटैच कर दी थीं. अब आगे की जांच के बाद ये 35 नई संपत्तियां अटैच की गयी हैं. 

चौकीदारों को बनाया भागीदार
बेनामी निषेध यूनिट की जांच से पता चला कि बिहारीलाल मीणा, रामलाल वर्मा और मंगलाराम बुनकर वास्तव में चौकीदार की नौकरी करते हैं और इनकी हैसियत इतने बड़े पैमाने पर जमीनें खरीदने की नहीं है. मंगलम बिल्ड डेवेलपर्स लिमिटेड ने इन जमीनों को खरीदने के लिए सीधे ही इनके विक्रेताओं को करीब 41 करोड़ रूपए का भुगतान किया जबकि विक्रय पत्र इन तीन लोगों के नामों से पंजीकृत कराए गए और इस प्रकार से इन लोगों के नामों का उपयोग करके बेनामी संपत्ति संव्यवहार निषेध अधिनियम, 1988 के प्रावधानों का उल्लंघन किया. 

रजिस्ट्री खर्चे के लिए भी करीब 2 करोड़ 62 लाख रूपए का भुगतान सीधे मंगलम बिल्ड डेवलपर्स लिमिटेड ने ही किया. बेनामी संपत्तियों के इन प्रोविजनल अटैचमेंट्स के साथ ही आयकर विभाग राजस्थान की बेनामी निषेध यूनिट अब तक कुल 352 बेनामी संपत्तियां अटैच कर चुकी है जिनका कुल बाजार मूल्य करीब 1150 करोड़ रूपए है. इन 352 प्रोविजनल अटैचमेंट्स में से नई दिल्ली स्थित एडजुकेटिंग अथॉरिटी अब तक 55 संपत्तियों को बेनामी मानते हुए उनके अटैचमेंट्स कन्फर्म भी कर चुकी है.