राजस्थान में अब मिलावट की भी होगी मुखबिरी, खुलासा करने वालों को मिलेगा ईनाम

स्वास्थ्य विभाग में फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड एक्ट की पालना में लगे अफसरों की मानें तो राजस्थान में मिलावट का कारोबार बड़े स्तर पर चल रहा है

राजस्थान में अब मिलावट की भी होगी मुखबिरी, खुलासा करने वालों को मिलेगा ईनाम
प्रतीकात्मक तस्वीर

जयपुर: राजस्थान में अब प्रदेश में मिलावट के बढ़ते कारोबार पर रोकने के लिए चिकित्सा विभाग ने ‘मुखबिर योजना’ लागू करने की तैयारी कर ली है. इसके तहत मिलावट की सूचना देने वाले का नाम गुप्त रखते हुए इनाम दिया जाएगा. हालांकि अभी यह तय नहीं हुआ है कि इनामी राशि कितनी होगी. सीएम के निर्देश पर चिकित्सा विभाग ने योजना का प्रस्ताव बनाकर सरकार को भेज दिया है. जिसके बाद अब मंजूरी का इंतजार है.

स्वास्थ्य विभाग में फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड एक्ट की पालना में लगे अफसरों की मानें तो राजस्थान में मिलावट का कारोबार बड़े स्तर पर चल रहा है, लेकिन विभाग के अफसरों को इसकी जानकारी नहीं मिलती. मिलावट माफियओं का बड़ा गिरोह राजस्थान में लंबे अर्से से सक्रिय है. राजधानी जयपुर, जोधपुर, अजमेर और उदयपुर को खाद्य पदार्थो में मिलावटखोरी का गढ़ माने जाते है. दरअसल राजस्थान का चिकित्सा एवं स्वास्थ्य महकमा प्रदेश में मिलावटखोरी पर प्रभावी अंकुश लगाने के मूड में है इसलिए उन्होंने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग को विशेष कार्ययोजना बनाकर मिलावटखोरों पर शिंकजा कसने के निर्देश दिए हैं. 

घी-दूध से लेकर मावा, तेल, मसालों में मिलावट मामले में जयपुर, अजमेर, बीकानेर, जोधपुर, कोटा, उदयपुर, भरतपुर और अलवर जिला सबसे आगे हैं. नाम उजागर होने के डर से अभी लोग इसकी सूचना नहीं देते. मुख्यमंत्री और हेल्थ मिनिस्टर के निर्देशों की पालना में विभाग के अफसरों ने मिलावटखोरों की सूचना देने पर इनाम घोषित करने तैयारी की है. फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड एक्ट के तहत मुखबिर योजना के तहत मिलावट की सूचना देने वाले को इनाम दिया जाएगा और उसका नाम गुप्त रखा जाएगा.

फूड सेफ्टी विभाग के अफसरों की मानें तो स्थानीय लोगों को पता होता है कि मिलावट का कारोबार कहां चल रहा है, लेकिन वो नाम उजागर होने के डर से सूचना नहीं देते हैं लेकिन अगर फूड सेफ्टी में यह योजना शुरू होती है तो सूचना देने वालों का नाम पूरी तरह से गुप्त रखा जाएगा और प्रदेश में मिलावट के जहर से बचा जा सकेगा.