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राजस्थान: भीषण गर्मी के बीच देश में अच्छी बारिश के लिए तपस्या कर रहा है यह साधु

साधु धूप में अग्नि के बीच में बैठकर तपस्या कर इन्द्र देव को खुश करने मे लगे हुए हैं. तपस्वी साधु जगदीश दास माहराज का मकसद है देश में इस बार अच्छी बारीश हो.

राजस्थान: भीषण गर्मी के बीच देश में अच्छी बारिश के लिए तपस्या कर रहा है यह साधु
प्रतीकात्मक तस्वीर

दौसा: जिला मूख्यालय से तीन किलोमीटर दूर बजोरी के बालजी मंदिर परिसर मे तपती धूप में एक त्यागी साधु पिछले चार माह से खुले में बैठकर अपने चारों ओर अग्नि का घेरा लगाकर तपस्या कर रहा है. साधु जगदीष दास माहराज दोपहर में बारह बजे सें तीन बजे तक धुप में ही अग्नि के घेरे के बीच में बैठकर तप्स्या कर रहे हैं और उनका ये क्रम पिछले चार माह से लगातार जारी है. 

स्वार्थ की इस दुनिया में बिना मतलब कोई किसी से बात तक नहीं करता वहां ये साधु दुनिया की भलाई के लिए अपने आप को तपा रहा है और वह भी जब जब तापमान 50 के आकड़े को छू रहा हो. जिस धुप में आप और हम चलने से कतराते हैं वहां यह साधु घंटो अग्नि के बीच में धूप में बैठकर अपने आप को तपा रहा है.

धूप में अग्नि के बीच में बैठकर तपने वाले साधु का मकसद है सृष्टि पर रहने वाले जीव सुखी रहें और प्रदेश में बिना बारिश के जहां अकाल के से हालता बने हुए है और पशु, पक्षी क्या इंसान तक पानी के लिए मोहताज हो रहा है. वहां यह साधु धूप में अग्नि के बीच में बैठकर तपस्या कर इन्द्र देव को खुश करने मे लगे हुए हैं. तपस्वी साधु जगदीश दास माहराज का मकसद है देश में इस बार अच्छी बारीश हो जिससे राजस्थान में पानी की समस्या से लोगों को निजात मिल सके. 

स्थानिय लोगों की माने तो उनका कहना है साधु जगदीश दास महाराज की कुटिया जयपुर जिले के प्रागपुरा में है जहां से ये दौसा में बजोरी मे स्थित बालाजी के मंदिर में सात माह पहले आए थे और बसंत पंचमी से यानी चार माह से अग्नि के बीच में बैठकर प्रतिदिन अपने आप को तपाकर लोगों की भलाई के लिए तपस्या कर रहे हैं. जिस समय साधु जगदीश दास माहराज ने तपस्या शुरू की थी उस दौरान तापमान इतना नहीं था लेकिन पिछले दो माह से तो गर्मी ने रिकॉर्ड तोड़ रखे हैं और पारा 50 का आकड़ा छू चुका है फिर भी साधु जगदीश दास माहराज पर इस तापमान का कोई असर नहीं है. 

जिस तरीके से भीषण गर्मी में धूप में खुले में अग्नि का घेरा बनाकर उसके बीच में बैठकर साधु जगदीश दास माहराज तपस्या कर रहे है उसको देखकर स्थानिय लोग उनमे कोई देविय शक्ति का निवास मान रहे हैं जिसके चलते इस धूप का भी उन पर कोई असर नहीं हो रहा है.

वहीं तपती धूप में तपस्या करने की बात को लेकर जब बाबा जगदीश दास माहराज से बात की तो उन्होने कहा तपस्या करने का मकसद है उन्हे मोक्ष मिले और देश को भगवान शक्ति प्रदान करे साथ ही देश के समस्त जीवों की मनोकामना पूर्ण हो और उनके दुखों का निवारण हो. बाबा ने कहा भगवान किसी भी जीव को दुखी नही देखना चाहते हैं. वहीं बाबा ने कहा तपस्या के दौरान
भगवान इन्द्र से बारिश की कामना की गई है जिससे देश मे चारों ओर हरियाली हो और लोगों को पानी मिले.