राजस्थान: लखपति बनने की चाहत में तीन नौजवान बने ड्रग माफिया, गिरफ्तार

पुलिस अधीक्षक योगेश यादव के निर्देश पर मादक पदार्थ तस्करी की रोकथाम के लिए अभियान चलाया जा रहा था.

राजस्थान: लखपति बनने की चाहत में तीन नौजवान बने ड्रग माफिया, गिरफ्तार
इसी के तहत अजमेर हाइवे पर सरेरी चैराहे के नजदीक पुलिस ने नाकाबंदी की

भीलवाड़ा: पढ़ाई से जी चुराकर और घर वालों से अनबन के बाद रातों-रात लखपति बनने के चक्कर में तीन नौजवान तस्करी में लिप्त हो गए और पुलिस के हत्थे चढ़ गए. पुलिस ने जोधपुर के इन तीन युवकों को गिरफ्तार कर कार से 46 किलो डोडा चूरा बरामद किया है. रायला थाना प्रभारी सुगन सिंह ने बताया कि पुलिस अधीक्षक योगेश यादव के निर्देश पर मादक पदार्थ तस्करी की रोकथाम के लिए अभियान चलाया जा रहा है. इसी के तहत अजमेर हाइवे पर सरेरी चैराहे के नजदीक पुलिस ने नाकाबंदी की.

पुलिस के मुातबिक इस दौरान भीलवाड़ा की ओर से आई एक लग्जरी कार को चालक ने नाकाबंदी देखकर रोका और उसी दिशा में घुमाने का प्रयास करने लगा. इसी दौरान पुलिस ने गाड़ी को रूकवा लिया और उसमें बैठे तीन लोगों को पकड़ा. पूछताछ में चालक ने अपना नाम नजीर खां पुत्र सोहन खां निवासी सायरपुरा जोधपुर जबकि दूसरे ने अपना नाम सुमेर पिता दुर्गाराम जाट निवासी जाटों की ढाणी जोधपुर तथा तीसरे ने खुद को एकलिंगपुरा गंगरार निवासी दिनेश चन्द्र पुत्र लहरूलाल जाट बताया. 

पुलिस ने कार की डिग्गी की तलाशी ली तो उसमें तीन बोरों में 46 किलो डोडा चूरा मिला.पुलिस ने कार सहित डोडा चूरा को बरामद कर लिया. मामले की जांच शंभुगढ़ थाना प्रभारी नंदलाल को सौंपी गई है. पुलिस पूछताछ में चांैकाने वाली बात सामने आई कि तीनों ही तस्करों के घर वालों से अनबन चल रही थी और ये लोग अलग रह रहे थे.

खबर के मुताबिक महंगे मोबाईल व गाड़ी का शौक तथा पढ़ाई में मन नहीं लगने से इन युवकों ने तस्करी का रास्ता अपना लिया. आरोपियों ने कबूल किया कि लोकसभा चुनाव 2019 में मारवाड़ इलको में डोडा पोस्त की विशेष मांग को देखते हुए उन्होंने सेम्पल के तौर पर अवैध अफीम डोडा पोस्त भरा. उन्होने मारवाड़ क्षेत्र में सैम्पल के तौर पर उक्त डोडा पोस्त की तस्करी करते और वापसी में उन्हें बड़ी खेप की सप्लाई की योजना इनके द्वारा बनाई गई थी.

थाना प्रभारी ने बताया कि पकड़े गये आरोपियों में दिनेश व सुमेर दोनों ही जय नारायण विश्वविद्यालय में स्नातक की पढ़ाई कर रहे है. दिनेश के पिता दुबई में बड़े व्यापारी है तथा शेष दोनों आरोपी भी अच्छे खानदान से होकर लग्जरी गाडियों में महंगे मोबाईल के शौक पूरे करने के चक्कर में अवैध कार्य कर रहे थे. पुलिस का कहना है कि तीनों ही युवकों ने जोधपुर और चित्तौडगढ़ में किराये से कमरे ले रखे है और ये लोग दो तीन माह तक अपने घर भी नहीं जा रहे थे.