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राजस्थान: सागरमती नदी का रास्ता बदलने की कोशिश में दो गुटों में पथराव, 6 लोग घायल

जानकारी मिलते ही पुलिस जाब्ता मौके पर पहुंचा और आपसी बातचीत से मामला शांत करने का प्रयास किया. इसी दौरान जेसीबी से रास्ता तोड़ने की जगह ग्रामीण मिट्टी के कट्टे डालने लग गए.

राजस्थान: सागरमती नदी का रास्ता बदलने की कोशिश में दो गुटों में पथराव, 6 लोग घायल

पीसांगन: क्षेत्र में 44 वर्ष बाद तेज बहाव से सागरमती नदी में पानी आवक की खुशियां उस समय लाठी-भाटा जंग में बदल गई, जब नदी में स्थित फार्म हाउस मालिक के भाई गोपाल सिंह ने लाठी के दम पर जेसीबी मशीन की सहायता से नदी का रास्ता बदलने का प्रयास किया. इस पर पुलिस की मौजूदगी में फार्म हाउस के कारिंदों और ग्रामीणों के बीच पथराव शुरू हो गया. पथराव के दौरान 6 जनें चोटिल हो गए. जिन्हें सामुदायिक चिकित्सालय पहुंचाया. जहां से एक घायल को अजमेर रेफर कर दिया गया.

अजमेर आनासागर स्केप चैनल से छोड़ा जा रहा पानी सागरमती नदी में आए बहाव से एक दिन पहले पीसांगन पहुंचा था. नदी क्षेत्र में फार्म हाउस मालिक का भाई गोपालसिंह आवंटित शराब की दुकान के पास झोपड़ियां लगाकर रेस्टोरेंट चलाता है. रेस्टोरेंट नदी के बहाव की चपेट में आने की आशंका के चलते गोपालसिंह ने जेसीबी से कुछ साथियों के साथ सड़क किनारे खुदाई कर पानी निकासी का रास्ता बनाने लगा. जिसका ग्रामीणों ने विरोध किया. जानकारी मिलते ही पुलिस जाब्ता मौके पर पहुंचा और आपसी बातचीत से मामला शांत करने का प्रयास किया. इसी दौरान जेसीबी से रास्ता तोड़ने की जगह ग्रामीण मिट्टी के कट्टे डालने लग गए. तभी फार्म हाउस से पथराव शुरू हो गया. ग्रामीणों ने भी जवाब में पत्थर फैंकने शुरू कर दिए. दोनों तरफ से हुए पथराव में छह जने चोटिल हो गए.

एसडीएम ने किया था मना
मंगलवार सुबह पानी के पीसांगन पहुंचने की सूचना पर उपखंड अधिकारी समदरसिंह भाटी जायजा लेने गए. तब उन्होंने नदी क्षेत्र में किसी भी प्रकार से छेड़छाड़ करने की मनाही करते हुए बहाव क्षेत्र से हटने के निर्देश दिए. बहाव क्षेत्र में फार्म हाउस आने की आशंका के चलते जेसीबी से रास्ता बदलने का प्रयास किया जाना जंग में तब्दील हो गया.

6 लोग हुए घायल
पथराव में जयपालसिंह पुत्र महेंद्र सिंह, शिवप्रताप पुत्र गोपालसिंह, भानुप्रतापसिंह पुत्र गोपालसिंह और ग्रामीणों की ओर से दिलराज पुत्र धन्नाराम कुमावत, लालाराम पुत्र कालूराम कुमावत और छीतरमल पुत्र राजू कुमावत घायल हुए.

पुलिस पहुंची मौके पर
जेसीबी से नदी की धारा बदलने को लेकर ग्रामीणों के भड़के आक्रोश के मद्देनजर पुलिस मौके पर पहुंची और गोपाल सिंह से समझाइश कर रहे थे लेकिन वह अपनी जिद्द पर अड़ा रहा. इस पर पुलिस ने गांव की ओर से 5 लोगों को समझाइश के लिए बुलाया. उसी दौरान कुछ नवयुवकों ने जेसीबी से बदली नदी की धारा को रोकने के लिए उसमें बजरी के कट्टे डालने लगे. इस पर आवेश में आकर गोपाल सिंह और उसके परिजनों ने ग्रामीणों पर पथराव शुरू कर दिया. इस पर ग्रामीणों में भगदड़ मच गई और ग्रामीणों ने भी अपने बचाव में पथराव शुरू कर दिया.

एडिशन एसपी और सीओ पहुंचे पीसांगन
मामले की नजाकत को भांपते हुए उपखंड अधिकारी समदर सिंह भाटी, तहसीलदार किशनाराम चौधरी, एडिशनल एसपी ग्रामीण किशनसिंह, सीओ ग्रामीण विनोद कुमार के अलावा पुष्कर और मांगलियावास पुलिस थाने के अलावा पुलिस लाइन से भी अतिरिक्त जाप्ता पीसांगन पहुंचा.