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राजस्थान: पुलिस का नाम लेकर ठगी करने के मामले में दो आरोपी गिरफ्तार

13 जनवरी को पिण्डवाड़ा थाना क्षेत्र के तीन व्यापारियों सहित एक ठेकेदार को पिण्ड़वाड़ा सीआई बनकर आईजी के बेटे के बीमार होने का कहकर चार लोगों से 35 लाख की ठगी की थी

राजस्थान: पुलिस का नाम लेकर ठगी करने के मामले में दो आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने दो आरोपियो चेतन व शिवलाल को चित्तौडगढ़ के कपासन से गिरफ्तार किया है

साकेत गोयल/सिरोही: प्रदेश के सिरोही जिले के पिण्डवाडा थाना क्षेंत्र में 13 जनवरी को क्षेंत्र के तीन ट्रंसपोर्टस सहित एक अन्य व्यक्ति को फोन के जरिए खुद को पिण्डवाड़ा थानाधिकारी सुमेरसिंह बताकर चारो व्यक्तियों से पैतीस लाख ठगने के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है. पुलिस ने दो बदमाशों को गिरफ्तार किया है. वहीं मामले का मुख्य सरगना अजमेर जेल में बंद है. प्रदेशभर में सुरेश घांची उर्फ नटवरलाल अजमेर जेल में बंद रहते हुए अपने गुर्गो के जरीए वारदात को अंजाम दिया गया.

बता दें कि 13 जनवरी को पिण्डवाड़ा थाना क्षेत्र के तीन व्यापारियों सहित एक ठेकेदार को पिण्ड़वाड़ा सीआई बनकर आईजी के बेटे के बीमार होने का कहकर चार लोगों से 35 लाख की ठगी की थी. पुलिस ने मामले को गंभीरता से देखते हुए एसपी जय यादव के निर्देश पर एक टीम गठित की. जिसमें उप निरीक्षक प्रभुराम मय टीम ने प्रकरण दर्ज होते ही अजमेर व उदयपुर में रहकर इस वारदात का पर्दा फाश करते हुए उदयपुर में रूपये की डिलेवरी करने वाले दो आरोपियो चेतन व शिवलाल को चित्तौडगढ़ के कपासन से गिरफ्तार किया. 

पिण्ड़वाड़ा सीआई सुमेरसिंह ने बताया कि 13 जनवरी को आशापुरा ट्रासपोर्ट के मालिक जितेन्द्र प्रजापत के मोबाईल पर कॉल आया था कि मैं सीआई सुमेरसिंह बोल रहा हुं. हमारे आईजी साहब का बेटा अस्पताल में भर्ती है, मुझे चार लाख रूपये की जरूरत है. जिसके बाद उन्होंने चार लाख रूपये दे दिए. वहीं कुछ देर बाद जितेन्द्र के भांजे का कॉल आया कि सीआई का जो मिलने वाला है उसकी डेथ हो गई, वो वहां से निकल रहे हैं, उनको 6 लाख की और जरूरत है.  

साथ फोन करने वाले ने कहा कि सीआई साहब का आदमी दस लाख आफिस में देने आ रहा है, इस पर उन्होंने 6 लाख रूपये और दे दिये. इसी तरह सीआई के नाम पर नेशनल ट्रांसपोर्ट के मालिक नितीन बंसल से 13 लाख, प्रियंका ट्रांसपोर्ट के मालिक सुरेन्द्रसिंह से 6 लाख व ठेकेदार पीराराम देवासी से 6 लाख रूपये की धोखाधड़ी की.

वहीं चार व्यक्तियों से ठगी का मामला सामने आने के बाद पुलिस के हाथ पांव फूल गए. एसपी जय यादव के निर्देश पर एक ठीम गठित की गई जिस पर प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई को अंजाम देते हुए पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया. वहीं मामले का मुख्य सरगना सुरेश घांची अजमेर की हाई स्क्योरीटी जैल में बंद है, 

खुद को पिण्ड़वाड़ा सीआई बनकर आईजी के बेटे की बीमारी के नाम पर चार नामचीन व्यक्तियों से ठगी करने का मुख्य सरगना नटवरलाल उर्फ सुरेश घांची अजमेर की हाई स्क्योंरिटी जेल में बंद है. जिसने इस पूरी घटना में अहम भूमिका निभाई. इस पूरे मामले में कई बड़े सवाल उठकर सामने आ रहे है. जेल में बंद होने के बावजूद किस प्रकार वारदात को अंजाम दिया गया, जेल में आखिर मोबाईल कहा से पहुंचा.

हालांकि पुलिस विभाग को बड़ी सफलता हाथ लगी है, उन्होंने रूपयों की डिलीवरी लेने वाले दोनो आरोपियो को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस अब उस तह तक जाने की कोशिश कर रही है कि जेल में आखिर किसने मोबाईल पहुंचाया. इस वारदात को किस प्रकार अंजाम दिया गया. पुलिस अब वारदात के मुख्य सरगना सुरेश घांची को अजमेर जेल से प्रोडक्षन वारंट पर गिरफ्तार करेगी. मुख्य सरगना सुरेश घांची के खिलाफ पाली, जोधपुर, जालोर, नागौर, अजमेर, जयपुर व सिंरोही में 33 मामले दर्ज है. 

खुद को सीआई बताकर चार व्यक्तियों से ठगी करने का वाला मुख्य सरगना सुरेश घांची इससे पूर्व में कई नेताओं, प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस अधिकारी, न्यायिक अधिकारी का नाम लेकर बीमारी सहित कई बहाने बनाकर कई बार धोखाधड़ी कर चुका है.