Rajasthan: शहरों से ज्यादा गांवों के बुजुर्ग जागरूक, Corona Vaccine लगवाने में निकले आगे

Rajasthan Corona Vaccination: बुजुर्गों के वैक्सीनेशन का आंकड़ा कम होने से प्रशासन के अफसरों की चिंता बढ़ गई हैं. कलेक्टर अंतर सिंह नेहरा खुद अब नगर निगम के पार्षदों के साथ बैठक कर उनके क्षेत्र में रहने वाले बुजुर्गों को मोटिवेट करने का आग्रह किया हैं. 

Rajasthan: शहरों से ज्यादा गांवों के बुजुर्ग जागरूक, Corona Vaccine लगवाने में निकले आगे
गांवों के बुजुर्ग कोविड वैक्सीनेशन में शहरों के बुजुर्गों से आगे निकले. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

Jaipur: कोरोना वैक्सीनेशन के मामले में शहर के मुकाबले गांवों के बुजुर्ग अधिक जागरूकता दिखा रहे हैं. जबकि कोरोना का प्रयास गांवों के मुकाबले शहर में अधिक हैं. इसके बावजूद शहर में वैक्सीनेशन अभियान धीमा पड़ा हुआ है. वहीं, गांवों में पंचायत और PHC-CHC से लेकर प्रशासनिक स्तर के प्रयासों से टीकाकरण ने अच्छी रफ्तार पकड़ी हुई है. इसके उलट शहर में अब तक चिकित्सा विभाग और जिला प्रशासन की ओर से जागरूकता के लिए प्रयास नहीं किए जाने से बुजुर्ग टीका लगवाने में उत्साहित नहीं दिखा रहे हैं.

बुजुर्गों के वैक्सीनेशन का आंकड़ा कम होने से प्रशासन के अफसरों की चिंता बढ़ गई हैं. कलेक्टर अंतर सिंह नेहरा खुद अब नगर निगम के पार्षदों के साथ बैठक कर उनके क्षेत्र में रहने वाले बुजुर्गों को मोटिवेट करने का आग्रह किया हैं. नेहरा ने आज नगर निगम हैरिटेज (Nagar Nigam Heritage) और ग्रेटर (Nagar Nigam Greater) के पार्षदों की बैठक कर बुजुर्गों को मोटिवेट करने की अपील की.

जयपुर में करीब तीन सौ साइट्स पर टीकाकरण (Vaccination) चल रहा है. जिस पर 60 साल से अधिक और 45 से 59 साल तक के लोगों को वैक्सीन लगाई जा रही हैं. लेकिन अभी वैक्सीनेशन की प्रोगेस लक्ष्य से कम है. जिला कलेक्टर अंतर सिंह नेहरा का कहना है कि गांवों में बढ़ता वैक्सीनेशन सरपंचों के प्रयास का नतीजा है. अब शहरों में भी जनप्रतिनिधियों की भागीदारी से वैक्सीनेशन का दायरा बढ़ाना होगा.

       इन 3 कारणों से आगे निकले ग्रामीण

  • पंचायत समिति टीकाकरण में सक्रिय. प्रशासन जागरूकता लाने वाले सरपंचों का सम्मान भी कर रहा.
  • SDM जैसे अधिकारी रात्रि चौपालों के माध्यम से ग्रामीणों को टीकाकरण के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं.
  • ग्रामसेवक भी टीकाकरण अभियान में जुटे हैं. अधिकाधिक बुजुर्गों को सेंटर पर लाकर टीका लगवा रहे हैं.

क्यों शहरी बुज़ुर्गों का टीकाकरण से मोहभंग हुआ?  
टीकाकरण अभियान को लेकर बुजुर्गों को जागरूक करने जैसे कार्यक्रम अब तक शुरू नहीं किए गए.
वार्ड पार्षद और निगमकर्मियों के सहयोग से टीकाकरण बढ़ाने की अब तक केवल योजनाएं ही बन रही.
घर-घर मतदान पर्ची की तरह वैक्सीनेशन का निमंत्रण भेजने की योजना भी अब तक शुरू नहीं हुई.

वहीं, हैरिटेज की मेयर मुनेश गुर्जर का कहना है कि जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर बुजुर्गों को वैक्सीनेशन के लिए जागरूक करेंगे. एक मार्च से जिले में 60 साल से ज्यादा उम्र वाले बुजुर्गों और 45 साल से ज्यादा बीमार लोगों का टीकाकरण शुरू किया गया. टॉप जिलों की तुलना में बुजुर्ग ज्यादा होने से रैकिंग में जयपुर पीछे है. रैंकिंग आबादी के आधार पर की जा रही है. हालांकि शहरी क्षेत्रों में वैक्सीनेशन कुछ कमजोर है. प्रशासन की ओर से जनप्रतिनिधियों से सहयोग का आग्रह किया है. वैक्सीनेशन को लेकर जनप्रतिनिधियों का पूरा सहयोग दिया जाएगा.

बहरहाल, जिला प्रशासन सहित अन्य विभागों की ओर से वैक्सीनेशन को लेकर प्रयास किए जा रहे हैं. अब इसमें जनप्रतिनिधियों का सहयोग भी लिया जा रहा है. जिससे जो वैक्सीन को लेकर भ्रांतियां फैली हुई है उनको दूर किया जा सके और बुजुर्ग वैक्सीनेशन सेंटर तक पहुंचे.

Satendra Yadav, News Desk