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राजस्थान: खनन घोटाले मामले में IAS अशोक सिंघवी के खिलाफ वारंट जारी, 21 सितंबर को होगी सुनवाई

ईडी के पास सबूतों की भरमार है. मनी लांड्रिंग एक्ट से जुड़े मामलों की सुनवाई कर रही विशेष कोर्ट ने भी ईडी के सबूतों पर मुहर लगाई है. इस मामले में गिरफ्तारी वारंट तामिल नहीं हो रहे थे.

राजस्थान: खनन घोटाले मामले में IAS अशोक सिंघवी के खिलाफ वारंट जारी, 21 सितंबर को होगी सुनवाई
फोटो साभार- डीएनए

जयपुर: प्रर्वतन निदेशालय खनन घोटाले मामले में अब आरोपियों की गिरफ्तारी चाहता हैं. स्थानीय एजेंसियों से विभाग की टीम को सहयोग नहीं मिल रहा हैं, ऐसे में ईडी कोर्ट के जरिए अब वारंट तामिल करवाने की तैयारी में है. मनी लांड्रिंग एक्ट के तहत दर्ज मामलों में आरोपियों की गिरफ्तारी की अनुमति ईडी को मिली हैं. इनमें खनन घोटाले के आरोपों में घिरे आईएएस अशेाक सिंघवी का नाम शामिल है. प्रर्वतन निदेशालय ने संजय सेठी, डॉ. अशोक सिंघवी, पंकज गहलोत, पुष्कर राज आमेटा, सीए श्याम सुंदर सिंघवी, मोहम्मद राशिद शेख, धीरेंद्र सिंह, मोहम्मद शेर खान की पत्नी तमन्ना के खिलाफ संज्ञान लिया हैं. विशेष कोर्ट ने सभी आठों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है. मामले में अगली सुनवाई 21 सितंबर तय की गई है.  

PMLA विशेष कोर्ट का फरमान 
चर्चित खनन घोटाले की परतें प्रर्वतन निदेशालय खोल रहा है. ईडी के पास सबूतों की भरमार है. मनी लांड्रिंग एक्ट से जुड़े मामलों की सुनवाई कर रही विशेष कोर्ट ने भी ईडी के सबूतों पर मुहर लगाई है. इस मामले में गिरफ्तारी वारंट तामिल नहीं हो रहे थे. मनी लांड्रिंग मामलों के लिए गठित विशेष कोर्ट ने अब सख्त रूख अपनाया है, जयपुर कमिश्नर को IAS अशोक सिंघवी का वारंट तामील करवाने के लिए अधिकृत किया है. वहीं अन्य आरोपियों के गृहजिलों के एसपी को वासंट तामिल करवाकर आदालत को सूचित करने के निर्देश दिए हैं. 

ढ़ाई करोड़ की संपत्ति अटैच
मामले में ढाई करोड़ की संपत्ति का प्रोविजनल अटेजमेंट हो चुका है. आईएएस अशोक सिंघवी की मुश्किलें भी बढ़ती नजर आ रही हैं. गौरतलब है कि देश में प्रर्वतन निदेशालय हरकत में आया है. पुराने कई मामलों में नए सिरे से इंवेस्टिगेशन की तैयारी में हैं. हजारों करोड़ रुपए के खनन घोटाले के आरोपी रहे आईएएस अशोक सिंघवी की मुश्किलें भी ईडी ने बढा़ई हैं. प्रवर्तन निदेशालय ने अशोक सिंघवी और विभाग के तत्कालीन अधिकारी संजय सेठी और पंकज गहलोत के नाम प्राथमिकी दर्ज की ओर उसके बाद सबूतों के साथ मामला कोर्ट में पहुंचा. प्रिवेन्शन मनी लांड्रिंग एक्ट के तहत मामले में भीलवाड़ा और जोधपुर के कारोबारियों पर अलग मामले में FIR दर्ज हैं. 

ईडी का एक्शन जारी 
ईडी ने अपनी जांच में पाया था कि दो करोड़ पचपन लाख रुपए संजय सेठी के जरिए बड़े स्तर पर खनन विभाग में भ्रष्ट्रराचार फैला हुआ था. मोहम्ममद राशिद शेख और सीए श्याम सुंदर सिघवी ने दो करोड़ पचपन लाख रुपए की रिश्वत दिए गए. वहीं अलग से जुटाए गए ढाई करोड़ रुपए में एक करोड़ रुपए की राशि आईएएस अशोक सिंघवी को भी दी गई. इसमें से डेढ़ करोड़ रुपए की राशि पंकज गहलोत समेत अन्य अधिकारियों को दी गई. मामला अब विशेष कोर्ट में हैं, अगर अशेाक सिंधवी गिरफ्तार होते हैं तो मामले में कुछ ओर तथ्य सामने आ सकते हैं. फिलहाल, ईडी इस मामले में सख्ती बरतने की तैयारी कर रहा है.