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राजस्थान: जलदाय विभाग की बढ़ी परेशानी, सूख सकता है बीसलपुर बांध का पानी

अब 21 शहर और 2800 गांवों के लिए संकट की घडी शुरू हो गई है. बीसलपुर केवल 21 दिनों तक चार जिलों की प्यास बुझा सकता है.

राजस्थान: जलदाय विभाग की बढ़ी परेशानी, सूख सकता है बीसलपुर बांध का पानी
वहीं अब तक जलदाय विभाग ने कोई एक्शन प्लान ही नहीं बनाया है.

जयपुर: बीसलपुर बांध में पानी सूखने के साथ ही, राजधानी सहित प्रदेश के 4 शहर के नागरिको का हलक भी सूखने के कगार पर पहुच चुका है. आने वाले सप्ताह में भरपूर बरसात नहीं हुई तो 15 अगस्त के बाद जयपुर, अजमेर, टोंक और दौसा के लोग पानी के लिए त्राहि त्राहि करते नजर आएंगे. जिसमे जयपुर, टोंक और अजमेर में तो भू जल भी नहीं है. जिससे की यहा के लोगो को पानी नलकूपों से उपलब्ध हो सके, इसलिए अब अब संकट की घडी शुरू हो गई है.

यदि आप जयपुर, अजमेर, दौसा और टोंक में रहते है तो सावधान हो जाइए. क्योंकि अब आपके घरों में दो दिन में केवल एक बार पानी आएगा. हो सकता है कि पीएचईडी विभाग इससे भी ज्यादा दिन की कटौती कर दे. क्योंकि अब आपकी प्यास बुझाने वाला बीसलपुर बांध पूरी तरह से सूखने के कगार पर है. इसलिए अब 21 शहर और 2800 गांवों के लिए संकट की घडी शुरू हो गई है. बीसलपुर केवल 21 दिनों तक चार जिलों की प्यास बुझा सकता है.

सबसे हैरानी की बात तो ये है कि अब तक जलदाय विभाग ने कोई एक्शन प्लान ही नहीं बनाया है. पीएईडी इंजीनियर सिर्फ ट्यूबवेल्स के भरोसे बैठे है. ऐसे में सवाल ये भी उठते है कि ये ट्यूबवेल्स कब तक इन शहरों की प्यास बुझा पाएंगे. इसके अलावा ट्यूबवेल्स से रोजाना लाखों लीटर पानी तो जमीन से खीचा जा रहा है, लेकिन जमीन में पानी का रिचार्ज नहीं हो रहा है. ऐसे में कुछ सालों बाद जमीन में भी पानी खत्म हो जाएगा.

वहीं मानसून की बात करें तो प्रदेश में मानसून ने 2 जुलाई को दस्तक तो दी, लेकिन 6 जुलाई के बाद प्रदेश में कमजोर पड़े मानसून के चलते अभी तक भी लोगों को बारिश का इंतजार है. सावन का आधा महीने निकलने को है, लेकिन इन्द्रदेव हैं की मेहरबान होने का नाम ही नहीं ले रहे हैं. प्रदेश के करीब दो दर्जन जिलों में अभी तक जहां औसत से कम बारिश दर्ज की गई. वहीं आधा दर्जन जिलों को अभी तक भी बारिश का इंतजार है. ऐसे में अब बारिश का ना होना बीसलपुर बांध के लिए बड़ी मुसीबत बन सकती है.