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राजस्थान: शांतिपूर्ण चुनाव के लिए लाइसेंसधारियों को पुलिस को सौंपने होंगे हथियार

एडीएम साउथ धारासिंह मीना ने बताया कि ये हथियार उन्हें चुनाव परिणाम घोषित किए जाने के एक सप्ताह पश्चात उसी पुलिस थाने से वापस प्राप्त किए जा सकेंगे. 

राजस्थान: शांतिपूर्ण चुनाव के लिए लाइसेंसधारियों को पुलिस को सौंपने होंगे हथियार
प्रतीकात्मक तस्वीर

जयपुर: लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होने के साथ ही सभी शस्त्रधारकों को अपने शस्त्र जमा करने होंगे. शहर के रसूखदारों को चुनाव से पूर्व अपना तामझाम कुछ दिनों के लिए बंद करना होगा. लाइसेंसी हथियार रखने वाले रसूदखोरों को भी अपने हथियार एक निर्धारित तिथि तक जमा करने होंगे. उन्हें निर्धारित तिथि तक अपने लाइसेंस का सत्यापन कराने के बाद हथियार पुलिस को सुपुर्द करना पड़ेगा.

लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुटे पुलिस प्रशासन ने लाइसेंस हथियारों के सत्यापन की तिथि निधार्रित कर दी है. सुरक्षा गतिविधियों में कार्यरत लाइसेंसधारकों को ही इसमें छूट मिलेगी लेकिन इसके लिए उन्हें स्क्रीनिंग कमेटी से अनुमति लेनी होगी. सुरक्षा के दृष्टिकोण से पूरे जिले में 9 हजार 400 लाइसेंसी हथियार आम लोगों को पुलिस प्रशासन ने मुहैया कराए हैं. उन सभी हथियारों का सत्यापन करने के बाद पुलिस उसे जिला शस्त्रागार में जमा कराएगी. 

एडीएम साउथ धारासिंह मीना ने बताया कि ये हथियार उन्हें चुनाव परिणाम घोषित किए जाने के एक सप्ताह पश्चात उसी पुलिस थाने से वापस प्राप्त किए जा सकेंगे. जिला स्तरीय स्क्रीनिंग कमेटी के निर्णय के अनुसार यदि कोई शस्त्र-अनुज्ञाधारी अपनी आत्मरक्षा या अन्य उचित कारण से हथियार को अपने पास रखना चाहता है तो उसे अपने पुलिस थानाधिकारी को उम्मीदवारी वापस लिए जाने की तिथि तक सकारण प्रार्थनापत्र प्रस्तुत करना होगा. 

इस आवेदन को थानाधिकारी अपने यहां दर्ज करके जिला मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश करेंगे. जिस पर गुणावगुण के आधार पर जिला स्तरीय स्क्रीनिंग कमेटी निर्णय करेगी. जिला मजिस्ट्रेट द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार शस्त्र जमा करवाने संबंधी ये आदेश कुछ विशिष्ट लोगों पर लागू नहीं रहेंगे. इनमें बैंक सुरक्षाकर्मी, सशस्त्र बल, सिविल डिफेंस, सीमा सुरक्षा बल, अद्रध सैनिक, होमगार्ड, केंद्रीय व राज्य सरकार में अधिकारी व कर्मचारी जिनको चुनाव के दौरान कानून व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए अधिकृत किया गया हो.

इनके अलावा पंजीकृत कंपनी या पेट्रोल पंप मालिक, जिनको संस्था-सुरक्षा के लिए अनुज्ञा जारी हो और ऐसे व्यक्ति जिन्हें धार्मिक परंपरा के अनुसार किसी श्रेणी का शस्त्र रखने की मान्यता हो. साथ ही राइफल एसोसिएशन सदस्य या स्पोर्ट्स में भाग लेने वाले लाइसेंस धारक एवं जिला स्तरीय स्क्रीनिंग कमेटी द्वारा विशेष रूप से छूट लाइसेंसधारकों को इसमें शामिल नहीं किया जाएगा.