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राजस्थान: पति की नसंबदी के बाद भी हुई गर्भवती, तो जिला कलेक्ट्रेट पहुंची पत्नी

अजमेर के वैशाली नगर का है, जहां के रहने वाले राजेश शर्मा ने 3 बच्चे होने के चलते 2 दिसंबर 2016 को परिवार सेवा क्लीनिक से नसबंदी कराई थी.

राजस्थान: पति की नसंबदी के बाद भी हुई गर्भवती, तो जिला कलेक्ट्रेट पहुंची पत्नी
प्रतीकात्मक तस्वीर

अजमेर: सरकार द्वारा अभियान चलाकर नसबंदी कराने का अभियान एक परिवार के लिए कलह का कारण बन गया है. नसबंदी के बाद पत्नी के गर्भवती होने से परिवार में कलह हो गई. इस मामले की शिकायत लेकर सोमवार को पीड़ित परिवार जिला कलेक्ट्रेट पहुंचा और मामले में न्याय की गुहार लगाई. पीड़ित महिला का कहना है कि गर्भवती होने के चलते पति और परिजनों ने उसकी अस्मिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं, जबकि इसमें परिवार सेवा क्लिनिक के डॉक्टरों की गलती है. इस मामले में पीड़ित पत्नी ने तीन बच्चों के साथ आत्महत्या करने की चेतावनी दी है. 

मामला अजमेर के वैशाली नगर का है, जहां के रहने वाले राजेश शर्मा ने 3 बच्चे होने के चलते 2 दिसंबर 2016 को परिवार सेवा क्लीनिक से नसबंदी कराई थी, जिसके बाद वह निश्चिंत होकर बैठे थे कि अब कोई परेशानी नहीं होगी, लेकिन इतनी बड़ी मुसीबत कब सामने आ जाएगी यह उन्होंने सोचा नहीं था. राजेश की पत्नी डोली के फिर गर्भवती होने पर सवाल खड़े कर दिए और पत्नी पर दूसरे का बच्चा होने का आरोप लगाया है. 

अपनी अस्मिता पर आरोप लगने के बाद पत्नी डोली ने जिला कलेक्ट्रेट पहुंच मामले की जांच कराने की मांग की है. डोली का कहना है कि मुझे न्याय मिलना चाहिए. इसके लिए वह बच्चे को जन्म देगी और उसका डीएनए करवाएगी. उसका कहना है कि वह एकदम पवित्र है और अपने पति के सिवाय किसी से उसका कोई संबंध नहीं है.

पत्नी डोली का कहना है कि इस मामले में जब स्‍वास्‍थ्‍य विभाग में जांच की मांग की गई तो उन्होंने बच्चा गिराने की बात कहकर मुआवजा लेने की बात कही. उसने कहा कि जांच होने के बाद ही परिवार को मुझ पर भरोसा होगा. उसने कहा कि अगर जांच नहीं होती है तो वह आत्महत्या करने को मजबूर होगी. 

पीड़ित पत्नी मामले को लेकर जब जी मीडिया ने डिप्टी सीएमएचओ संपत सिंह जोधा से बात की तो उन्होंने कहा इस मामले में पीड़ित परिवार को मुआवजा राशि दी जाएगी. उन्होंने कहा नसबंदी प्रकरण में कई बार नसबंदी फेल हो सकती है, लेकिन विभाग केवल मुआवजा राशि के अलावा कुछ नहीं कर सकता. बात पीड़िता के अस्मिता की है तो वह मामला दर्ज करा कर जांच करवा सकती है.