होली में हर्बल रंगों से सराबोर होगा राजस्थान, वन विभाग ने बनाया हर्बल गुलाल

गुलाल की कीमत 150 रूपये प्रति किलो ग्राम विभाग ने तय की है. गुलाल बनाने के लिए फूल बीनने से लेकर पैकिंग तक 80 रूपये प्रति किलो ग्राम का खर्चा लग रहा है. 

होली में हर्बल रंगों से सराबोर होगा राजस्थान, वन विभाग ने बनाया हर्बल गुलाल
प्रतीकात्मक तस्वीर

उदयपुर: प्राकृतिक सुगंध के साथ हर्बल गुलाल बनाने का कार्य उदयपुर जिले के कानोड सेमलिया वन विभाग नाके पर उप वन संरक्षक ओपी शर्माऔर क्षेत्रीय वन अधिकारी सोमेश्वर त्रिवेदी के निर्देशन में किया जा रहा है. केमीकल से बने गुलाल से लोगों को दूर करने के साथ ही महिलाओं को हर्बल गुलाल बनाकर स्वरोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने के लिए वन विभाग का सपना साकार होता दिख रहा है.

विभाग ने 2018 से यह कार्य शुरू करते हुए वल्लभनगर के कानोड़ और सेमलिया वन नाके पर डेढ़ क्विटंल गुलाल बनाया था, लेकिन पहले वर्ष इस गुलाल की खपत कम हुई. लेकिन फिर भी विभाग ने इस वर्ष भी इस कार्य को जारी रखते हुए महिलाओं को हर्बल गुलाल बनाने की जिम्मेदारी सौंपी है. कानोड़ व सेमलिया वन नाके पर चामुण्डा स्वयं सहायता समुह और आकोला स्वयं सहायता समुह की बीस महिलाओं द्वारा गुलाल बनाने का कार्य किया जा रहा है. इस बार दोनों ही वन नाका सेंटर पर दो क्विटंल गुलाल बनाया जा रही है. 

गुलाल की कीमत 150 रूपये प्रति किलो ग्राम विभाग ने तय की है. गुलाल बनाने के लिए फूल बीनने से लेकर पैकिंग तक 80 रूपये प्रति किलो ग्राम का खर्चा लग रहा है. गुलाल बेचेने के बाद मिले मुनाफे की राशी को स्वयं सहायता समुह की महिलाओं में वितरित किया जाएगा. वन विभाग के अनुसार इस गुलाल को बनाने से लेकर बेचने तक का कार्य स्वयं सहायता समुह की महिलाओं के जिम्में किया गया है लेकिन ग्रामीण महिलाओं द्वारा बेचने का कार्य नहीं कर पाने और हिसाब नहीं रख पाने पर विभाग के कर्मचारी इस कार्य में समुह की महिलाओं के सहयोगी बने हैं.

हर्बल गुलाल बनाने के लिए महिलाए फूल या हरी पत्तियां जंगल से बीनकर लाने के बाद उन्हे उबालती हैं. जिसके बाद उबले पानी को छान उसमें अरारोठ पाऊडर मिलाकर प्लास्टिक पर सुखा दिया जाता है, दानेदार पाऊडर को ग्राइंडर मशीन में पीसकर गुलाल तैयार होता है. इस गुलाल में किसी तरह का केमीकल या रंग काम में नहीं लिया जाता. फूलों की सुंगध और कलर के साथ किलो व आधा किलो की पैकिंग तैयार की जाती है.