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राजस्थान: टिकट को लेकर महिलाओं ने भी पेश की दावेदारी, BJP-कांग्रेस की बढ़ी चुनौती

वर्तमान में राजस्‍थान विधानसभा की 200 सीटों में से 28 सीटों पर महिला विधायक है.

राजस्थान: टिकट को लेकर महिलाओं ने भी पेश की दावेदारी, BJP-कांग्रेस की बढ़ी चुनौती
2013 के चुनावों में कुल 2342 प्रत्‍याशियों में से 253 महिलआों उम्‍मीदवारों ने टिकट के लिए आवेदन किया.

अशोक शेखावत/सीकर: राजनीतिक दलों के एजेंडे व दावे अधिकांश खोखले ही साबित होते है और यही कारण है कि आमजन को अब इन राजनैतिक पार्टियों के एजेंडों और दावों से विश्‍वास उठ गया है. यहां तक की गरीबों, किसानों, मजदूर वर्ग समेत महिलाओं के उत्‍थान के लिए कई दावे भी किए जाते रहे हैं लेकिन जब सरकार चुनकर आती है सारे वादे सिर्फ कागजों तक ही सिमीत रह जातो है. 

ऐसा ही एक मुद्दा है महिलाओं की राजनीति में भागीदारी की. जिसको लेकर वैसे तो सभी राजनितिक पार्टियां महिलाओं के 33 प्रतिशत आरक्षण की पैरवी करते नजर आते हैं लेकिन जब इस पर अमल का बारी आती है तो सारी बातें हवाई हो जाती है. यही कारण है कि देश का राजनीति में महिलाओं की मौजूदगी अभी भी कम नजर आती है और ऐसे ही कुछ हालात राजस्‍थान की राजनीति में भी दिखाई देता है. हालांकि प्रदेश की मुख्यमंतेरी शुद एक महिला हैं लेकिन बावजूद इसके प्रदेश की राजनिति में महिलाओं की भागीदारी कम ही नजर आती है. 

वर्तमान में राजस्‍थान विधानसभा की 200 सीटों में से 28 सीटों पर महिला विधायक है. वहीं 2013 में विधानसभा चुनावों में 40829312 मतदाता थे. इनमें से 19307320 महिला मतदाताओं की संख्‍या थी. इनमें से 16070839 ने मतदान में भाग लिया. महिलाओ का मतदान भी शानदार रहा लेकिन विधानसभा की सीटों के मुताबिक महज  14 प्रतिशत महिलाएं ही विधानसभा की चौखट तक पहुंच सकी. हालांकि राजनीतिक दलों ने इन्‍हें टिकट भी दिया लेकिन उतना नहीं जितना राजनीतिक दल दावे करते है. 33 प्रतिशत आरक्षण की पैरवी करने वाले तमाम राजनीतिक दल इस पर रत्‍तीभर भी अमल नहीं करते है. 

2013 के चुनावों में कुल 2342 प्रत्‍याशियों में से 253 महिलआों उम्‍मीदवारों ने टिकट के लिए आवेदन किया. जिसमें सामान्‍य वर्ग  की 169 महिलाएं, अनुसूचित जाति की 49 महिलाएं, अनूसूचित जन जाति की 35 महिलाओं ने आवेदन किया. लेकिन परिणाम आए तो 28 महिलाएं विधानसभा में जीत का परचम फहराकर पहुंची. साथ ही इनमें से कईयों की जमानत जब्‍त भी हुई. बता दें कि जमानत जब्‍त हुई महिलाओं की संख्‍या कुल संख्‍या 105 थी. 

जबकि बीजेपी की बात करें तो बीजेपी में 26 महिलाओं को 2013 को चुनाव में उतारा था. जिसमें से 22 महिलाओं ने जीत हासिल की. वहीं कांग्रेस की बात करें 24 महिलाओ को टिकट मिले जिसमें से महज एक महिला उम्मीदवार ने जीत हासिल की. जबकि बसपा ने 11 महिलाओं को और एनपीईपी 12 को टिकट दिया.
 
जबकि अगर बात करें इस बाक के चुनावों की तो इस बार सीकर जिले में महिला उम्मीदवार की संख्या बीजेपी और कांग्रेस में दोनों ही पार्टियों में अच्‍छी खासी है. हालांकि सीकर जिले में अभी तक एक बार सीकर विधानसभा सीट से राजकुमारी शर्मा विधायक भाजपा से चुनी गई है इसके अलावा महिलाओं को यहां जीत का स्‍वाद नहीं मिला है. इस बार भाजपा व कांग्रेस में महिला भी दावेदारी कर रही है. जिसकी बीजेपी में संख्‍या अधिक है.

वहीं बीजेपी की वर्तमान जिला प्रमुख अपर्णा रोलन धोद सीट से बीजेपी की टिकट की लाइन में है. जबकि महिला मोर्चा की जिलाध्‍यक्ष अनिता शर्मा और नीलम मिश्रा सीकर शहर से भाजपा की टिकट मांग रही है. साथ ही भाजपा जिला परिषद सदस्‍य ममता निठारवाल व मधु कुमावत दातारामगढ से टिकट मांग रही है. इसके अलावा लक्ष्‍मण्‍गढ से अल्‍का शर्मा भी भाजपा की दावेदारों की लाइन में खडी है. वहीं कांग्रेस में भी महिलाओं ने दावेदारी के लिए ताल ठोक रखी है इसमें कांग्रेस महिला मोर्चा की अध्‍यक्ष पूर्ण कंवर सीकर सीट से और पूर्व जिला प्रमुख व कांग्रेस दिग्‍गज नेता नारायाण सिंह चौधरी की पुत्रवधू दातारामगढ सीट से कांग्रेस की टिकट की दावेदारी कर रही है.