राजस्थान: 116 साल पहले बने रामगढ़ बांध पर प्रचंड गर्मी को प्रकोप, सालों से पड़ा सूखा

जयपुर के महाराजा माधोसिंह द्वितीय ने 1897 में रामगढ बांध का निर्माण शुरू करवाया था, जो 1903 में बनकर तैयार हुआ.

राजस्थान: 116 साल पहले बने रामगढ़ बांध पर प्रचंड गर्मी को प्रकोप, सालों से पड़ा सूखा
इस बांध में 1982 में एशियाई खेलों में नौकायन प्रतियोगिता हुई थी.

जयपुर: एक जमाने में रामगढ़ बांध को जयपुर की लाइफलाइन कहा जाता था, लेकिन अब तस्वीर बिल्कुल बदल चुकी है. अब हालात ये है कि बांध में एक बूंद भी पानी नहीं बचा है. बदलते वक्त के साथ साथ बांध की तस्वीर और तकदीर बदलती चली गई. अब रामगढ़ बांध दिखाई तो देता है, लेकिन पानी नहीं. 116 साल पुराने इस बांध का निर्माण जयपुर के महाराजा ने इसलिए करवाया था ताकि जयपुर की प्रजा को भरपूर पानी मिल सके, लेकिन अब रामगढ़ बांध बिल्कुल बेबस है.

जयपुर के महाराजा माधोसिंह द्वितीय ने 1897 में रामगढ़ बांध का निर्माण शुरू करवाया था, जो 1903 में बनकर तैयार हुआ. जयपुर के महाराज माधोसिंह ने 116 साल पहले इस बांध का निर्माण इसलिए करवाया था ताकि जयपुर की प्रजा भरपूर पानी पी सके. उस वक्त केवल चारदीवारी तक ही जयुपर सीमित था. इसलिए आबादी के हिसाब से भी रामगढ़ बांध बनने के बाद पानी की कोई कमी नहीं हुआ करती थी. इस बांध से जयपुर को पानी की सप्लाई 1931 में शुरू हुई. देखते ही देखते पर्यटन स्थल बन गया, जिसके बाद 1982 में एशियाई खेलों में नौकायन प्रतियोगिता इस बांध में हुई थी.

रामगढ़ बांध में चार नदियों का पानी आया करता था, जिसमें रोड़ा, बाणगंगा, ताला और माधोवेनी नदी से खूब पानी आया करता था. जिसमें से सबसे ज्यादा पानी बाणगंगा से बांध आया करता था, लेकिन धीरे-धीरे इन नदियों का अस्तित्व ही खत्म हो चुका है. अब तो हालात ये हो चले है कि रामगढ़ बांध में एक बूंद भी पानी नहीं बचा है.

भले ही रामगढ़ बांध में एक बूंद भी पानी नहीं हो, भले ही रामगढ़ बांध खुद ही प्यास नहीं बुझा पा रहा हो, लेकिन वो दिन भी नहीं भूल सकते जब रामगढ़ बांध में चादर चला करती थी. यानि रामगढ़ बांध पानी से लबालबब भरा रहता था. 1903 में निर्माण के बाद में पहली बार रामगढ़ बांध में चादर 21 साल बाद चली.10 सितंबर 1924 में रामगढ़ बांध में पानी से लबालब हुआ. उस वक्त 66 फीट गहरा रामगढ़ बांध पानी से पूरा भर चुका था. दूसरी बार रामगढ़ बांध को पूरा भरने में 54 साल लगे. 30 जुलाई 1977 को फिर से रामगढ़ बांध पर चादर चली. अगले साल फिर इतनी बरसात हुई कि रामगढ़ बांध के गेट खोलने पडे. अंतिम बार रामगढ़ बांध 1981 में आई बाढ के बाद में पूरा भरा था. तब भी सरकार ने रामगढ़ बांध के दरवाने खोलने के आदेश दिए थे.