close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

मॉनसून से पहले लाखों किसानों की मुश्किलें बढ़ीं, पुराने ऋण से परेशान हुए अन्नदाता

मरूधरा में मानसून से पहले लाखों किसानों की मुश्किले बढ सकती हैं. ये मुश्किले सरकार या प्रशासन की तरफ से नहीं, बल्कि किसान खुद अपनी मुश्किले बढ़ा रहे है. 

मॉनसून से पहले लाखों किसानों की मुश्किलें बढ़ीं, पुराने ऋण से परेशान हुए अन्नदाता
जिन किसानों ने 30 नवम्बर 2018 के बाद लॉन लिया था, वो कर्जमाफी योजना के पात्र नहीं थे. इसलिए उन्हें कर्जा चुकाना ही होगा.

जयपुर: राजस्थान में 5 लाख किसानों को ऋण मिलने में मुश्किले पैदा हो सकती है. यदि समय रहते हुए इन किसानों ने सरकार को कर्ज नहीं चुकाया तो इस बार उन्हें सहकारी फसली ऋण नहीं मिल पाएगा. राज्य सरकार ने ऐसे किसानों की लिस्ट तैयार कर ली है, जिन्होंने अब तक ऋण नहीं चुकाया है. 

मरूधरा में मानसून से पहले लाखों किसानों की मुश्किले बढ सकती हैं. ये मुश्किले सरकार या प्रशासन की तरफ से नहीं, बल्कि किसान खुद अपनी मुश्किले बढ़ा रहे है. दरअसल, राजस्थान में 5 लाख से ज्यादा ऐसे किसान हैं जिन्होंने फसली ऋण योजना का पैसा ही नहीं चुकाया, जिसमें से एक लाख ऐसे किसान हैं जो सरकारी कर्मचारी, सरपंच, प्रधान या कोई और जनप्रतिनिधि हैं.

इसके अलावा चार लाख ऐसे किसान हैं, जिन्होने 30 नवम्बर 2018 के बाद में सहकारी फसली ऋण योजना के जरिए कर्ज लिया. दरअसल, जिन किसानों ने 30 नवम्बर 2018 के बाद लॉन लिया था, वो कर्जमाफी योजना के पात्र नहीं थे. इसलिए उन्हें कर्जा चुकाना ही होगा. यदि 30 जून तक किसानों ने कर्ज नहीं चुकाया तो सरकार उन्हें डिफॉल्टर्स की लिस्ट मे डाल देगी. जिसके बाद उन्हें कभी भी ऋण नहीं मिल पाएगा.

ऐसे किसानों से 30 जून के बाद सामान्य ब्याज के अलावा दंडनीय ब्याज की भी वसूली की जाएगी. इसलिए यदि जो किसान फसली ऋण का लाभ भविष्य में लेना चाहते हैं, वे 30 जून तक अपना कर्ज जरूर चुका दे, नहीं तो आने वाले दिनों में सरकार आपको डिफॉल्टर्स की लिस्ट में डाल देगी. हालांकि तय तिथि तक कॉपरेटिव विभाग से लिया गया कर्ज चुकाने पर उन किसानों को फिर से ऋण मिल सकेगा.