जयपुर: IAS बनने के लिए मचा घमासान, RAS एसोसिएशन बोला- चहेतों का किया जा रहा प्रमोशन

आरएएस एसोसिएशन ने सरकार की ओर से की जा रही प्रक्रिया को गलत बताते हुए कहा कि नियमों में साफ लिखा हुआ है कि आरएएस अधिकारी नहीं मिलने पर अन्य सेवाओं से अधिकारी लिए जा सकेंगे. 

जयपुर: IAS बनने के लिए मचा घमासान, RAS एसोसिएशन बोला- चहेतों का किया जा रहा प्रमोशन
प्रतीकात्मक तस्वीर.

जयपुर: अन्य सेवाओं से आईएएस (IAS) में प्रमोशन के लिए सरकार की ओर से की जा रही प्रक्रिया के खिलाफ अब आरएएस (Rajasthan Administrative Service) एसोसिएशन खुलकर सामने आ गई है. 

आरएएस एसोसिएशन ने सरकार की ओर से की जा रही प्रक्रिया को गलत बताते हुए कहा कि नियमों में साफ लिखा हुआ है कि आरएएस अधिकारी नहीं मिलने पर अन्य सेवाओं से अधिकारी लिए जा सकेंगे. सरकार की ओर से की जा रही प्रक्रिया को रोकने के लिए आरएएस एसोसिएशन ने केंद्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण मंत्रालय, संघ लोक सेवा आयोग, मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव कार्मिक को पत्र  लिखा है. 

चहेतों को लाभ दिया जा रहा है
आरएएस एसोसिएशन अध्यक्ष शाहीन अली खान ने पत्र में कहा कि कार्मिक विभाग सचिव को जनवरी महीने में सपना आता कि राज्य में इस वर्ष विशेष स्थितियां उत्पन्न हो गई हैं. उनका सपना आधारहीन होते हुए भी इतना प्रभावशाली होता है कि डीओपीटी के अधिकारी बिना विश्लेषण किए उसे सत्य मान लेते हैं. एसोसिएशन की ओर से अन्य सेवाओं के अधिकारियों के नाम बताए गए हैं. उनका कहना है कि यह ऐसे अधिकारी हैं, जिनके नाम बार-बार भिजवाएं जाते हैं. जबकि जिनका नाम एक बार भेज दिया गया, उनकी दोबारा सिफारिश नहीं की जा सकती. इसके साथ ही उन्होंने इसे चहेतों को लाभ देने की प्रक्रिया बताया है. 

आरएएस एसोसिएशन ने इन अफसरों के नाम बता जताई आपत्ति
डॉ. घनश्याम बैरवा- चिकित्सा विभाग में तैनात है. एक मंत्री के पति हैं. ऐसे में संभावना की अपनी पत्नी के मंत्री होने का लाभ उठाकर उन्हें आईएस बनाया जा सकता है.
डॉ. आर एस राणावत- चिकित्सा विभाग में सेवाएं दे रहे हैं. एसएमएस  में वित्तीय अनियमितता के आरोप हैं. 
गोविंद पारीक- डीपीआर में हैं. सीएम निशुल्क जांच योजना में विज्ञापन देने के लिए अनियमित भुगतान किया. इस तथ्य को छुपाकर प्रमोशन के लिए नाम भेजा.
सुरेंद्र सिंह राठौड़ - ग्रामीण विकास विभाग में तैनात है. राठौड़ के राज्य सेवा में नियुक्ति की वैधता का परीक्षण मुख्यमंत्री के निर्देशों पर आदेश अनुसार विभाग करवा रहा है.
संजय पांडे - पर्यटन विभाग में है. कर्मचारियों से दुर्व्यवहार को लेकर पिछले साल तत्कालीन विशिष्ट सचिव निदेशक पर्यटन विभाग द्वारा नोटिस दिया गया है.

क्या कहना है आरएएस एसोसिएशन महासचिव सुनील भाटी का
आरएएस एसोसिएशन महासचिव सुनील भाटी का कहना है कि ऐसी कोई परिस्थिति ही नहीं कि अन्य सेवा के अफसर को आईएस बनाया जाए. राजस्थान कार्मिक विभाग की ओर से गलत तथ्यों के साथ अन्य सेवा के अफसरों को आईएस में प्रमोट कर दिया जाता है. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि अन्य सेवाओं से प्रमोशन में अनुभव की भी छूट दी गई है. ऐसे में जूनियर अधिकारी भी आईएएस बनकर आते हैं तो इन नेचुरल जस्टिस है. इसके लिए हमने पिछली साल भी लिखकर दिया था. 

मांग के स्वीकार या खारिज होने का इंतजार
राज्य में अन्य सेवा से अफसरों को आईएएस बनाने का विरोध पिछली वसुंधरा सरकार के समय से ही चलता रहा है, जो गहलोत सरकार के समय में भी जारी है. लेकिन दोनों ही सरकारों ने ras एसोसिएशन की मांग को सिरे से खारिज कर दिया था. अब देखना है कि केंद्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग एसोसिएशन की मांग को खारिज करता है या फिर स्वीकार करता है. 

राजस्थान राज्य अन्य प्रशासनिक सेवा परिसंघ ने भी की मांग
वहीं अन्य सेवाओं से आईएएस प्रमोशन पर आरएएस के विरोध के बाद राजस्थान राज्य अन्य प्रशासनिक सेवा परिसंघ भी खुलकर सामने आ गई है. अध्यक्ष भजन लाल रोलन ने कहा कि अन्य सेवा से आईएएस प्रमोशन कोटा 3 से बढ़ाकर 50 प्रतिशत किया जाए. उनका कहना है कि प्रदेश में आरएएस का कोटा 1050 है जबकि अन्य सेवा अधिकारियों की संख्या 53 हजार है. उन्होंने कहा कि पदोन्नति में व्यवधान उत्पन्न करने की कार्यवाही राज्य सरकार की ओर से जारी प्रक्रिया के विरूद्ध है.