कोरोना में मातृ शक्ति निभा रही जिम्मेदारी, ये हैं नवरात्र की रक्षा की देवियां

दुनिया भर में कोरोना वायरस से बचाव किए जा रहे हैं. देश में लॉकडाउन लागू होने के बाद सरकारें अपने स्तर पर प्रयास कर रही हैं.

कोरोना में मातृ शक्ति निभा रही जिम्मेदारी, ये हैं नवरात्र की रक्षा की देवियां
कोरोना वायरस को हराने और इस संकट की घड़ी में मदद करने में वह दिन रात डटे हैं.

जयपुर: दुनिया भर में कोरोना वायरस (Coronavirus) से बचाव किए जा रहे हैं. देश में लॉकडाउन लागू होने के बाद सरकारें अपने स्तर पर प्रयास कर रही हैं. जिलों में प्रशासन जनता के लिए व्यवस्थाओं में जुटा है. जयपुर में भी जिला प्रशासन ने कोई कसर नहीं छोड़ रखी है. हालांकि, जिले में कई अफसर मिलकर काम कर रहे हैं. लेकिन उन सब के बीच कुछ ऐसी भी महिला अफसर भी हैं जो रोज लड़ रही हैं. इनका मकसद यही है कि जनता कोरोना से लड़ाई में हारे नहीं. 

लॉक डाउन के बीच जनता को आवश्यक सुविधाएं मुहैया हो. समस्याओं का सामना नहीं करना पड़े. इसके लिए जिला प्रशासन की ओर से दी गई जिम्मेदारियों को ये महिला अफसर बखूबी निभा रही हैं. सुबह आठ बजे से ही घर से निकल जाना और देर रात तक शहर की व्यवस्थाओं में जुटकर ये महिला अफसर अपनी परिवार की जिम्मेदारियों को भी पीछे छोड़ रही हैं. कुछ ऐसी ही प्रशासनिक सेवा से जुड़ी महिला अफसरों से बात कर उनके काम के बारे में जाना.

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आशु चौधरी, RAS, मुहाना मंडी की प्रशासक, फल—सब्जी को जनता तक पहुुंचाने का जिम्मा
शहर में लॉकडाउन के दौरान लेकर दैनिक उपयोग में आने वाली फल—सब्जी को आसानी से जनता के बीच पहुंचे. लोगों को दिक्कत नहीं आए. इसकी जिम्मेदारी दी गई है. शहर की मुहाना मंडी प्रशासक बनाया गया है. व्यापारियों और छोटे दुकानदारों के बी सामंजस्य बैठाकर सामान उपलब्ध कराने का काम किया जा रहा है. आवक बनी रहे फल—सब्जी की. कहीं भी रुके नहीं इसीलिए रोज मॉनिटरिंग की जा रही है. समस्या आने पर व्यापारियों की बैठक कर निपटारा किया जा रहा है.

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देवयानी, RAS, शहर में छह थाना क्षेत्रों में मजिस्ट्रेट बनाई
जयपुर में लॉक डाउन को लेकर शहर में छह थाना इलाकों में मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया है. इन थाना इलाकों में जनता को किसी तरह की समस्या नहीं हो, इसकी मॉनिटरिंग की जा रही है. दिहाड़ी मजदूर से लेकर जरूरतमंद भूखा नहीं सोए. इसके लिए खाने के इंतजाम कराना. राशन से लेकर दवा की दुकान खुली रहे. शहर में सप्लाई चेन टूटे नहीं। यह व्यवस्था की जा रही है. इसके अलावा जिन लोगों को होम क्वारेंटाइन में रखा है. उनकी पालना हो रही है या नहीं. कहीं ऐसा तो नहीं पालना नहीं हो रही, इसकी देखरेख की जा रही है.

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श्यामा राठौड़, सहायक कलक्टर,जयपुर, शहर में खाद्य सामग्री का वितरण का जिम्मा
जिला प्रशासन की ओर से शहर में खाने के पैकेट सप्लाई किए जा रहे हैं. उनके कहां से इंतजाम करना है और जनता तक कैसे पहुंंचे. इसकी जिम्मेदारी  श्यामा राठौड़ निभा रही हैं. शहर में ऐसे दानदाताओं को भी ढूढ़ा जा रहा है जो मदद को आगे आ रहे हैं. उनको जिला प्रशासन के साथ मिलकर जनता के बीच पहुंचा रहे हैं. कहीं भी सप्लाई टूटे नहीं.अगर कहीं दिक्कत आ रही हैं तो अधिकारियों को अवगत कराकर समाधान कराया जा रहा है.

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मनीषा लेखा, एसीएम आमेर प्रथम, सुभाष चौक और माणक चौक का जिम्मा
इन्हें सुभाष चौक और माणक चौक इलाका का जिम्मा दिया गया है. पुलिस के साथ मिलकर जनता के बीच जाकर समस्याओं का समाधान किया जा रहा है. कहीं भी कोई दिक्कत आ रही है तो उनकी सुनवाई की जा रही है. राशन, दूध, सब्जी की कमी तो नहीं है. इसको भी देखा जा रहा है. पुलिस और प्रशासन के बीच समन्वय का काम कर रही हैं.

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ओम प्रभा, एसडीएम नार्थ, कंट्रोल रूप में जनता की समस्याओं को सुन समाधान कर रही
जिले में जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए कंट्रोल रूम बनाया गया है. इस कंट्रोल रूम को संभालने का जिम्मा इन्हें दिया गया है. सुबह से रात तक कंट्रोल रूम में आने वाली समस्याओं को सुनकर संबंधित थाना और अधिकारियों को दिशा—निर्देश दिए जा रहे हैं. कालाबाजारी की समस्या हो या लॉक डाउन के आदेशों की पालना को लेकर समस्या हो. सभी शिकायतों की सुनवाई की जा रही है. रोज करीब 300 से अधिक समस्याओं को सुनकर समाधान किया जा रहा है.

बहरहाल,डर सबको लगता है, रास्ते सिर्फ दो ही होते हैं, भि‍ड़ो या भागो. ये भले ही विज्ञापन की पंचलाइन है, लेकिन आज के माहौल में कुछ योद्धा इसे चरित्रार्थ कर रहे हैं. ये किसी सुपरहीरो से कम नहीं हैं. कोरोना वायरस को हराने और इस संकट की घड़ी में मदद करने में वह दिन रात डटे हैं.