कोरोना संकट में छिन रहा गरीब के हक का निवाला, 10 की बजाय मिल रहा मात्र 5 Kg गेंहू

डीलर उपभोक्ताओं को एक माह में एक बार गेहूं देकर टरका रहा है.

कोरोना संकट में छिन रहा गरीब के हक का निवाला, 10 की बजाय मिल रहा मात्र 5 Kg गेंहू
इस महामारी में भी गरीब को लूटा जा रहा है.

जयपुर: कोरोना महामारी में भी गरीबों का गेंहू डकारने का खेल बंद नहीं हो रहा है. राशन कार्ड और पीओएस मशीन में तो एंट्री 10 किलो प्रति व्यक्ति की हो रही है लेकिन गरीब को उसके हक का निवाले में से 5 किलो ही मिल रहा है. साथ ही गरीब की थाली से मुफ्त की दाल भी गायब है. जब इस तरह के मामले कलेक्टर के पास पहुंचे तो खुद दंग रह गए. इस महामारी में भी गरीब को लूटा जा रहा है. 

कोरोना महामारी में जहां सरकार हर गरीब जरूरतमंद का ध्यान रखते हुए खाद्य सुरक्षा परिवार को प्रतिमाह प्रति व्यक्ति 5 किलो गेहूं की जगह 10 किलो गेहूं मुहैया करा रही है, वहीं, राशन डीलर सरकारी आदेश की धज्जियां उड़ाते हुए बेखौफ होकर जनता को गुमराह करते हुए उपभोक्ताओं को महीने में एक बार प्रति व्यक्ति मात्र 5 किलो गेहूं देकर टरका रहे हैं. 

डीलर उपभोक्ताओं को एक माह में एक बार गेहूं देकर टरका रहा है. पोश मशीन में उपभोक्ता की गेहूं की एंट्री दो बार कर लेता है, जबकि सरकार कोरोना महामारी के चलते अप्रैल और मई में उपभोक्ताओं को 5 किलो गेहूं की जगह 10 किलो प्रति व्यक्ति गेहूं मुहैया करा रही है. इतना ही नहीं, दाल की एंट्री तो राशनकार्डों में की जा रही है लेकिन थाली से दाल गायब है. जब शिकायत लेकर उपभोक्ता कलेक्ट्रेट कलेक्टर के पास पहुंच रहा है तो उसे डीलर फोन करके उसके हक का निवाला दे रहा है.

जानिए उपभोक्ताओं के साथ कैसे हो रहा धोखा
आमेर निवासी पूरणमल सैनी, वेदप्रकाश, हेमराज, राकेश ने बताया कि महीने में एक बार प्रति व्यक्ति 5 किलो गेहूं मिला है. डीलर ने पोश मशीन में प्रति व्यक्ति 10 किलो गेहूं देने की फर्जी एंट्री कर हमारे हिस्से का गेहूं डकार गया. हमने जब ई-मित्र से गेहूं की जानकारी ली तो उसी महीने में हमारे हिस्से का गेहूं दुकान नंबर 709 और 710 की पोश मशीन से फर्जी एंट्री कर निकलना बताया गया. दुकानदार से जानकारी लेने पर उसने गेहूं देने से मना कर दिया. 

1- उपभोक्ता : रामस्वरूप सैनी
राशन कार्ड संख्या- 119002906995

रामस्वरूप के परिवार में राशनकार्ड में दो यूनिट है. यानी कि 10 किलो के हिसाब से 20 किलो गेहूं मिलना चाहिए. अप्रैल के महीने में ओटीपी से अभी तक 22 अप्रैल से निकाला गेंहू दिया है. जबकि इससे पहले डीलर ने एक अप्रैल को ओटीपी से गेहूं निकाला लेकिन दिया नहीं. अब 20 किलो की जगह सिर्फ 10 किलो मिला है. रामस्वरूप के पुत्र दामोदर का कहना है कि अनपढ़ और बुजुर्ग हैं. ऐसे में डीलर उनकी मजबूरी का फायदा उठा कर गेहूं बचा रहा है. 

2- उपभोक्ता : निर्मला देवी
राशन कार्ड- 119002701848

मानसरोवर की रहने वाली निर्मला देवी बुजुर्ग है. डीलर ने 13 मई को ओटीपी से दाल निकाली. 5 मई को दो बार 5-5 किलो गेहूं निकाला. लेकिन निर्मला देवी को सिर्फ एक बार ही 5 किलो गेंहू मिला. वहीं दाल नहीं दी. डीलर ने कार्ड में एंट्री तक कर दी. अब डीलर की शिकायत जब कलेक्टर से की तो गेंहू देने के लिए डीलर फोन कर रहा है. 

3- उपभोक्ता का नाम - लालचंद कुमार
राशन कार्ड- 119002701850

लालचंद के परिवार के पांच सदस्यों का राशन कार्ड में नाम है. मई महीने में केंद्र और राज्य सरकार की तरफ से 50 किलो गेहूं घर में आना था. डीलर ने 13 मई को एक किलो दाल निकाली. लेकिन वह अभी तक नहीं दी. 5 मई को 25 - 25 किलो गेंहू का दो बार ट्रांजैक्शन किया. लेकिन उपभोक्ता को एक ही बार गेंहू दिया. 

जिला कलेक्टर को इसकी शिकायत की गई है. अब डीलर का कॉल लालचंद के पास आ रहा है.