राजस्थान: 21 सालों बाद भी नहीं हुई 2 हजार शिक्षकों की नियुक्ति, अब आंदोलन की दी चेतावनी

नियुक्ति की मांग को लेकर पिछले 21 सालों में करीब 900 दिनों तक धरना दे चुके इन चयनित शिक्षकों के सब्र का बांध अब टूटने लगा है और 15 दिसंबर तक नियुक्ति आदेश जारी नहीं होने की स्थिति में अब प्रदेश स्तर पर एक बड़े आंदोलन की चेतावनी दे डाली है.

राजस्थान: 21 सालों बाद भी नहीं हुई 2 हजार शिक्षकों की नियुक्ति, अब आंदोलन की दी चेतावनी
21 सालों से करीब 2 हजार चयनित शिक्षकों को नियुक्ति का इंतजार.

जयपुर: 1998 में निकाली गई थर्ड ग्रेड शिक्षक भर्ती में बोनस अंकों के नियम के चलते अधिक अंक होने के बाद भी चयन प्रक्रिया से बाहर हुए करीब 2 हजार चयनित शिक्षकों का नियुक्ति की मांग को लेकर आंदोलन पिछले 21 सालों से चल रहा है. इनकी गुहार है कि कोई सुनने वाला ही नहीं है. 

नियुक्ति की मांग को लेकर पिछले 21 सालों में करीब 900 दिनों तक धरना दे चुके इन चयनित शिक्षकों के सब्र का बांध अब टूटने लगा है और 15 दिसंबर तक नियुक्ति आदेश जारी नहीं होने की स्थिति में अब प्रदेश स्तर पर एक बड़े आंदोलन की चेतावनी दे डाली है.

वर्ष 1998 में थर्ड ग्रेड शिक्षकों की निकाली गई भर्ती में ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में बोनस अंकों के फेर में फंसे करीब 2 हजार चयनित शिक्षकों को आज भी नियुक्ति का इंतजार है. इस दौरान करीब 4 बार प्रदेश में सरकार बदल चुकी है लेकिन इनकी समस्या है कि जस की तस बनी हुई है लेकिन अब इन चयनित शिक्षकों के सब्र का बांध टूटता जा रहा है. आश्वासन के बाद भी नियुक्ति आदेश जारी नहीं होने के चलते अब इन चयनित शिक्षकों ने प्रदेश स्तर पर 15 दिसंबर के बाद एक बड़े आंदोलन की चेतावनी दे डाली है.

मुख्य बिंदु
- 21 सालों से करीब 2 हजार चयनित शिक्षकों को नियुक्ति का इंतजार
- 1998 में निकाली गई थी थर्ड ग्रेड शिक्षक भर्ती
- बोनस अंकों के प्रावधान के चलते नियुक्ति से वंचित रहे थे चयनित
- पिछले 21 सालों से नियुक्ति की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन
- 21 सालों में करीब 900 दिनों तक चयनित शिक्षक दे चुके हैं धरने
- लेकिन आज तक भी इन चयनित शिक्षकों को नियुक्ति का इंतजार

नियुक्ति की मांग को लेकर पिछले दिनों राजधानी जयपुर के कलेक्ट्रेट सर्किल पर करीब साढ़े चार महीने तक इन चयनित शिक्षकों ने धरना दिया था, जिसके बाद जल्द नियुक्ति के आश्वासन पर धरना समाप्त करवाया गया था लेकिन इस बात को भी करीब दो महीने से ज्यादा का समय बीत चुका है. ऐसे में अब तक कोई आदेश नहीं होने के चलते अब इन शिक्षकों में फिर से आक्रोश है. चयनित शिक्षक संघ 1998 के प्रदेशाध्यक्ष प्रदीप पालीवाल का कहना है कि हजारों बार मंत्रियों और अधिकारियों के चक्कर काट चुके हैं. धरने दे चुके हैं, भूख हड़ताल कर चुके हैं लेकिन उसके बाद भी अभी तक प्रशासन की ओर से सिर्फ आश्वासन ही दिए जा रहे हैं. ऐसे में अगर 15 दिसंबर तक नियुक्ति आदेश जारी नहीं होते हैं तो प्रदेश स्तर पर बड़ा आंदोलन किया जाएगा.

अपने घरों से दूर रहकर नियुक्ति की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे इन चयनित शिक्षकों को पिछले 21 सालों से सिर्फ आश्वासन ही मिल रहा है लेकिन इस बार ये चयनित शिक्षक आश्वासन लेने के मूड में नहीं हैं. चयनित शिक्षक जयदेव और विजेंद्र सिंह का कहना है कि सरकार नौकरी में चयनित होने के बाद भी प्रशासनिक लापरवाही के चलते अल्प वेतन पर काम करने के लिए मजबूर हैं. उम्र के इस पड़ाव पर पहुंच चुके हैं कि कोई प्राइवेट नौकरी भी दे. कई बार सरकार को ज्ञापन दे चुके हैं लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन ही दिया जा रहा है लेकिन इस बार सिर्फ आश्वासन से काम नहीं चलेगा. 15 दिसंबर तक अगर नियुक्ति आदेश जारी नहीं होते हैं तो पूरे प्रदेश में बड़ा आंदोलन किया जाएगा.
बहरहाल, नियुक्ति की मांग को लेकर करीब 2 हजार चयनित शिक्षक हर मंत्री और हर प्रशासनिक अधिकारी के चक्कर काट चुके हैं. ऐसे में अब इन चयनित शिक्षकों ने आर-पार की लड़ाई की चेतावनी दे डाली है.