राजस्थान: पुर्नगठन के बाद बढ़ेगी पंचायतों की संख्या, सीएम गहलोत जल्द देंगे मंजूरी

पंचायतों के पुर्नगठन के बाद 1100 ग्राम पंचायतें और 50 से अधिक नई पंचायत समितियां बन सकती हैं. 

राजस्थान: पुर्नगठन के बाद बढ़ेगी पंचायतों की संख्या, सीएम गहलोत जल्द देंगे मंजूरी
राजस्थान में फिलहाल 9891 ग्राम पंचायतें और 295 पंचायत समितियां हैं.

जयपुर: राजस्थान में पंचायतों के पुनर्गठन के बाद न केवल पंचायतों की संख्या बढ़ेगी बल्कि उनका विकास भी उतनी तेजी से आगे बढ़ेगा. प्रदेश में जनवरी-फरवरी में होने वाले पंचायती चुनाव से पहले सरकार पंचायतों के पुर्नगठन को अंतिम रूप दे रही है. 

पंचायतों के पुर्नगठन के बाद 1100 ग्राम पंचायतें और 50 से अधिक नई पंचायत समितियां बन सकती हैं. राजस्थान में फिलहाल 9891 ग्राम पंचायतें और 295 पंचायत समितियां हैं लेकिन अब पंचायतों के पुर्नगठन के बाद ग्राम पंचायतों की संख्या 10,991 हो जाएगी. जबकि पंचायत समितियां 295 से बढ़कर 345 के करीब होंगी. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की स्वीकृति से पंचायतों की तस्वीर बिल्कुल साफ हो जाएगी. कुछ ही दिन में नई पंचायतों को लेकर सरकार घोषणा कर सकती है.

ठीक से नहीं हो पाता था विकास
राजस्थान में बढ़ती आबादी को देखते हुए निकायों के साथ साथ पंचायतों के भी पुर्नगठन का फैसला लिया गया था. गांव की आबादी अधिक होने से पंचायतों का पुर्नगठन करना बेहद जरूरी था क्योंकि ग्राम पंचायतों की सीमा क्षेत्र अधिक होने से गांवों का विकास ठीक से नहीं हो पाता था.

क्षेत्रफल अधिक होने के कारण ग्राम पंचायतों में विकास कार्य सरपंचों के एक ही कार्यकाल में पूरे नहीं हो पाते थे. सरपंच संघ के अध्यक्ष भंवरलाल जानू का कहना है कि पंचायत पुर्नगठन से ग्राम पंचायतों का क्षेत्रफल कम होगा, जिससे सरपंच पूरी ग्राम पंचायत पर ठीक तरह से ध्यान दे सकेगा.

विकास के साथ पंचायत पुर्नगठन से राजनीति में दिलचस्पी रखने वालों को अधिक मौका मिल सकेगा क्योंकि पंचायतों की संख्या बढने के बाद सरपंच और दूसरे जनप्रतिनिधियों की संख्या भी बढ़ेगी. सरंपच दिनेश का कहना है कि पंचायत पुर्नगठन से सरपंचों का काम बहुत सरल हो जाएगा. सरकार के इस फैसले से गांवों का विकास और तेजी से आगे बढ़ेगा.