मानव तस्करी में राजस्थान के हालात शर्मनाक, 5 जिलों में दर्ज हुए 69 प्रतिशत मामले

क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो की रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2016 में मानव तस्करी के मामलों में पश्चिम बंगाल सबसे आगे था. वहीं दूसरे नंबर पर राजस्थान रहा था. 

मानव तस्करी में राजस्थान के हालात शर्मनाक, 5 जिलों में दर्ज हुए 69 प्रतिशत मामले
प्रतीकात्मक तस्वीर

जयपुर/ विष्णु शर्मा: प्रदेश के पांच जिलों ने राजस्थान की साख पर बट्टा लगा दिया है. यह मामला मानव तस्करी से जुड़ा हुआ है. हालात यह है राजस्थान में मानव तस्करी के कुल दर्ज मामलों में 68.98 प्रतिशत मामले इन जिलों के हैं. इन मामलों के कारण ही राजस्थान मानव तस्करी के मामले में देश में दूसरे स्थान पर पहुंच गया है. वहीं वैश्यावृत्ति के मामले में दस जिलों ने राजस्थान की गत बिगाड़ी है. 

मानव तस्करी देश के कई राज्यों में प्रमुख समस्या बनी हुई है. गृह मंत्रालय ने इस समस्या से निबटने के लिए कई योजनाएं बनाई हैं. क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो की रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2016 में मानव तस्करी के मामलों में पश्चिम बंगाल सबसे आगे था. वहीं दूसरे नंबर पर राजस्थान रहा था. राजस्थान में भी मानव तस्करी के मामले में पांच जिले संवेदनशील माने गए हैं. इनमें डूंगरपुर, धौलपुर, जोधपुर पूर्व, उदयपुर और अलवर में हालात बेहद खराब हैं. इन पांच जिलों में 68.98 प्रतिशत प्रकरण दर्ज होते हैं.

वैश्यावृत्ति के तीन चौथाई मामले यहां
मानव तस्करी के साथ ही वैश्यावृत्ति के मामले में भी राजस्थान का हाल बेहद खराब है. वेश्यावृत्ति के मामले में दस जिलों में तीन चौथाई प्रकरण सामने आए हैं. जयपुर पूर्व, पश्चिम, उत्तर, दक्षिण, जोधपुर पूर्व और पश्चिम, सवाई माधोपुर, श्रीगंगानगर, बूंदी में 74.81 प्रतिशत मामले दर्ज हुए हैं. एनसीआरबी रिपोर्ट के अनुसार वैश्यावृत्ति के 393 प्रकरण दर्ज हुए हैं. हालांकि, एडीजी एंटी ह्यूमन ट्रेफकिंग, मानव तस्करी विरोध यूनिट के आंकड़ों में विरोधाभास है. 

कहने को प्रदेश के 42 पुलिस जिलों में मानव तस्कारी विरोधी यूनिट संचालित है, लेकिन इनमें स्टाफ और संसाधनों की कमी का रोना रोकर पुलिस मुख्यालय पल्ला झाड़ लेता है. हाल ही में 21 फरवरी और 5 अप्रेल को पुलिस मुख्यालय ने पुलिस अधीक्षकों को आदेश जारी कर यूनिटों में पदस्थापना के आदेश दिए हैं. अब देखना यह है कि पद भरने के बाद क्या मानव तस्करी व वैश्यावृत्ति के अपराधों में कमी आती है या नहीं.