शोध: ऊंटनी का दूध पाउडर में तब्दील, करेगा बीमारियों का इलाज

कैमल मिल्क की उपयोगिता पर दुनिया के एक मात्र ऊंट अनुसंधान केंद्र ने शोध किया है. 

शोध: ऊंटनी का दूध पाउडर में तब्दील, करेगा बीमारियों का इलाज
100 ग्राम दूध के पाउडर की कीमत 600 रुपये तक है

बीकानेर: रेगिस्तान का जहाज कहे जाने वाले ऊंट अब देश के साथ दुनिया में भी बीमारियों का इलाज करेगा. जी हां ऊंटनी के दूध को पाउडर में तब्दील कर दिया गया हैं. जिसके चलते अब कैमल मिल्क पाउडर घर-घर तक पहुंचेगा. इतना ही नहीं संसद भवन की कैंटीन में भी ऊंटनी के दूध से बने प्रोडक्ट जल्द ही दिखाई पड़ सकते हैं. कैमल मिल्क की उपयोगिता पर दुनिया के एक मात्र ऊंट अनुसंधान केंद्र ने शोध किया है. 

बीकानेर के नेशनल रिसर्च सेंटर ऑन कैमल ने ऊंटनी के दूध को पोषक तत्वों से भरा जब से बताया, उसके बाद से ऊंटनी के दूध का फायदा आम लोगों ने लेना शुरू भी कर दिया है. कई गंभीर बीमारियों में ये दूध रामबाण साबित हुआ है. लेकिन देश के साथ साथ अब विदेशी भी ऊंटनी के दूध का फायदा उठा सकेंगे. 

ऊंटनी के दूध को बाजारों तक पहुंचाने के लिए इसे पाउडर फॉर्म बना दिया गया है, जो आम मिल्क पाउडर की ही तरह बाजारों में उपलब्ध रहेगा. इतना ही नहीं ऊंटपालकों की भी बल्ले बल्ले हो गयी हैं क्योंकि राजस्थान और गुजरात के ऊंट पालकों को एक किलो दूध के पाउडर पर 6 हजार रुपये की आमदनी होगी. 

देश ही नहीं बल्कि दुनिया के एकमात्र कैमल रीसर्च सेंटर के वैज्ञानिको ने पिछले दो दशक के अपने शोध से ऊंटनी के दूध की गुणवत्ता को समझते हुए इसे दुनिया के सामने रखा है. पहले इस दूध की आइसक्रीम बनाकर इसे लोगों की जिंदगी के साथ जोड़ा गया अब ऊंटनी के दूध के पाउडर ने दुनिया में धूम मचा दी हैं. तमाम प्राइवेट कंपनिया इस दूध को व्यापारिक उत्पाद के तौर पर डेवलेप करने के काम में जुट गई हैं. 100 ग्राम दूध के पाउडर की कीमत 600 रुपये तक है.

जानकारी के मुताबिक अमेरिका में ऑटिज्म बीमारी से पीड़ित बच्चों की संख्या बहुत है. जिसमें ऊंटनी का दूध फायदेमंद साबित होता है. भारत इस दूध के निर्यात के साथ अच्छा मुनाफ़ा कमा सकता है. यहां तक की केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल खुद भी इस दूध पाउडर को दुनिया तक पहुंचाने की बात कह रहे हैं. 

ऐसे में कैमल मिल्क पाउडर समय के इस दौर में काफी खास साबित हो रहा है, जो आने वाले वक्त में ना केवल रोग भगाएगा वहीं देश के ऊंट पालकों के लिए आमदनी का बड़ा एक अहम ज़रिया भी साबित होगा. साथ ही अब पाउडर के रूप में ऊंटनी का दूध सिर्फ देश में ही नहीं बल्कि पूरी दूनिंया में भी अपनी खूबी से लोगों को स्वस्थ रखेगा.