close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

निकाय चुनाव को प्रभावित नहीं करेंगे राजस्थान छात्रसंघ चुनाव के नतीजे: सचिन पायलट

उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने यह भी कहा कि हर चुनाव के अपने अलग मुद्दे होते हैं. छात्रसंघ के चुनाव में भी मतदाता की मानसिकता अलग होती है.

निकाय चुनाव को प्रभावित नहीं करेंगे राजस्थान छात्रसंघ चुनाव के नतीजे: सचिन पायलट
सचिन पायलट ने कहा कि काम के आधार पर ही हम निकाय चुनाव में बेहतर प्रदर्शन करेंगे.

जयपुर: राजस्थान विश्वविद्यालय में लगातार चौथे साल एक बार फिर से निर्दलीय ने राजस्थान यूनिवर्सिटी में जीत का परचम लहराया. वहीं छात्रसंघ चुनाव के नतीजों पर उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने कहा कि यह नतीजे निकाय चुनाव को प्रभावित नहीं करेंगे. निकाय चुनाव में कांग्रेस के अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद कर रही है. साथ ही पायलट ने कहा कि निकाय चुनाव के विषय होते अलग हैं. पायलट ने यह भी बताया कि सरकार ने 8 महीने में अच्छा काम किया है और इस काम के आधार पर ही हम निकाय चुनाव में बेहतर प्रदर्शन करेंगे. 

वहीं उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने यह भी कहा कि हर चुनाव के अपने अलग मुद्दे होते हैं. छात्रसंघ के चुनाव में भी मतदाता की मानसिकता अलग होती है. एनएसयूआई ने लगातार स्टूडेंट्स के बीच काम किया, लेकिन इस बार निर्दलीय प्रत्याशियों को ज्यादा जगह जीत मिली है. पायलट ने नारी शक्ति के प्रदर्शन को भी सराहते हुए कहा कि छात्राएं अच्छी संख्या में जीती और इस तरह लड़कियों का आगे बढ़ना अच्छी बात है.

गौरलतब है कि राजस्थान विश्वविद्यालय में लगातार चौथे साल एक बार फिर से निर्दलीय ने राजस्थान यूनिवर्सिटी में जीत का परचम लहराया. राजस्थान विश्वविद्यालय ने पहली बार लगातार चौथे साल एक बार फिर से निर्दलीय उम्मीदवार को अपना 37वां अध्यक्ष चुनाकर इतिहास रच दिया. एनएसयूआई से बागी होकर निर्दलीय चुनाव लड़ने वाली पूजा वर्मा ने एनएसयूआई के उत्तम चौधरी को 676 मतों से हराया. पूजा वर्मा को कुल 3890 वोट मिले. 

वहीं इससे पहले वर्ष 2018 में विनोद जाखड़, 2017 में निर्दलीय पवन यादव तथा 2016 में अंकित धायल ने निर्दलीय उम्मीदवार के रुप में अध्यक्ष चुने गए थे. साथ ही कैंपस के तीनों उम्मीदवारों की बात करें तो पूजा को 3890 मत मिले जबकि उत्तम चौधरी को 3214 तथा एबीवीपी के अमित बड़बड़वाल को 2975 मत मिले. इसी तरह उपाध्यक्ष पद पर एनएसयूआई की प्रियंका मीणा तथा महासचिव पद पर एनएसयूआई के महावीर गुर्जर विजयी हुए. वहीं संयुक्त सचिव पद पर एबीवीपी की किरण मीणा ने जीत हासिल की.