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कोटा में बढ़े अतिक्रमण के मामले, राजस्व विभाग ने 5750 पन्नों में दिया ब्योरा

कोटा और बूंदी जिलो में ही इतनी बड़ी संख्या में अतिक्रमण हैं कि उनकी सूची में 5750 पेज लग गए. 

कोटा में बढ़े अतिक्रमण के मामले, राजस्व विभाग ने 5750 पन्नों में दिया ब्योरा
राजस्व विभाग के मुताबिक कोटा में 8773 अतिक्रमी हैं.

कोटा: बूंदी के केशोरायपाटन से भाजपा विधायक चंद्रकांता मेघवाल ने विधानसभा में सवाल उठाते हुए कोटा और बूंदी जिलों में सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण और अतिक्रमियों के खिलाफ की गई कार्रवाई का ब्यौरा मांगा था. जिस पर प्रतिक्रिया देते हुए राजस्व विभाग ने 5750 पेज में उस सवाल का जवाब दिया है. 

कोटा और बूंदी जिलो में ही इतनी बड़ी संख्या में अतिक्रमण हैं कि उनकी सूची में 5750 पेज लग गए. अब जब दो जिलों की यह हालत है तो पूरे प्रदेश में किस स्तर पर अतिक्रमण होंगे इसका अंदाज़ा आप खुद लगा सकते हैं.

अकेले बूंदी में ही 23 हजार से ज्यादा अतिक्रमण सामने आए जिनके खिलाफ कार्रवाई की गई. यहां अतिक्रमियों के हौसले बढ़ते ही जा रहे हैं और अगर यही हाल रहा तो आने वाले वक्त में सार्वजनिक जमीनें बेच पाना मुश्किल हो जाएगा.

राजस्व विभाग के मुताबिक कोटा में 8773 अतिक्रमी हैं और यहां से 795 हेक्टेयर चारागाह और 3116 हैक्टेयर सिवायचक भूमि से अतिक्रमण हटाए गए. वहीं 8768 अतिक्रमियों को नोटिस दिए गए. साथ ही 8760 अतिक्रमियों  की फसल जब्त की गई. वहीं बूंदी में 23247 अतिक्रमियों के ​खिलाफ कार्रवाई की गई है.

यहां 2384 हैक्टेयर चारागाह भूमि और 8698 हैक्टेयर सिवायचक भूमि पर अतिक्रमण हटवाए गए. कोटा बूंदी में किए गए अतिक्रमणों का ब्योरा अगर 5000 से ज़्यादा पन्नो में दर्ज है, तो सोचने वाली बात ये है कि पूरे प्रदेश भर में कितना अतिक्रमण होगा.