राजस्थान कांग्रेस में उम्मीदवारों के चयन के लिए बैठकों का दौर जारी

बैठक में प्रत्याशी की छवि प्रत्याशी की पार्टी के प्रति निष्ठा और उसके कार्य को देखकर ही उम्मीदवारों का चयन किया जा रहा है

राजस्थान कांग्रेस में उम्मीदवारों के चयन के लिए बैठकों का दौर जारी
कुछ पॉलीटिकल बैकग्राउंड वाले नेताओं को भी टिकट दिया जा सकता है

जयपुर: लोकसभा चुनाव को लेकर प्रदेश की सभी राजनीतिक पार्टियों में हलचलें बढ़ गई हैं. सभी पार्टियां अपने उम्मीदवारों के नामों का फैसला करने में जुटी हुई हैं. इस कड़ी में कांग्रेस में भी बैठकों का दौर जारी है. खबर के मुताबिक पार्टी की औपचारिक स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक से पहले रविवार को भी कई एक्सरसाइज बैठके हुई. सूत्रों की मानें तो सोमवार को स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक के बाद सीईसी को नाम सौंप दिए जाएंगे.

बैठक में सभी 25 सीटों पर चर्चा हुई. स्क्रीनिंग कमेटी की रविवार की औपचारिक बैठक से पहले जिन नामों पर चर्चा की गई थी. सोमवार की बैठक में सभी के मध्य उन नामों पर आम राय बनाने के लिए एक बार फिर से चर्चा की गई. यह कोशिश की जा रही है कि सिंगल पैनल नाम ही भेजा जाए. 

इसके साथ ही शक्ति आपके माध्यम से, जिला कांग्रेस कमेटी, प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से आए उम्मीदवारों के नाम पर भी विचार विमर्श किया गया. वहीं मंगलवार को स्क्रीनिंग कमेटी की फाइनल बैठक होगी जिसमें केसी वेणुगोपाल भी मौजूद रहेंगे. इस बैठक में सी सी के लिए फाइनल प्रस्ताव को तैयार किया जाएगा.

बैठक में प्रत्याशी की छवि प्रत्याशी की पार्टी के प्रति निष्ठा और उसके कार्य को देखकर ही उम्मीदवारों का चयन किया जा रहा है. बैठक में बेहद सौहार्दपूर्ण तरीके से आम सहमति के साथ उम्मीदवारों का चयन किया जा रहा है. वहीं विधायक और मंत्रियों के चुनाव लड़ने पर विवेक बंसल ने कहा कि योग्य उम्मीदवारों के लिए कोई पैमाना नहीं है. पार्टी मंत्रियों को भी टिकट देने को तैयार है. जरूरत होने पर अपवाद देखने को मिल सकता है. पार्टी क्षेत्र वार तरीके से केस बाय केस स्टडी करके ही उम्मीदवारों का चयन कर रही है.

बता दें कि लोकसभा चुनाव में प्रत्याशियों के चयन के लिए कांग्रेस पिछले 2 महीने से जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं से फीडबैक ले रही है लेकिन अभी तक टिकट वितरण का कोई फार्मूला तैयार नहीं हो पाया है. हालांकि 15 दिन पहले प्रदेश कांग्रेस प्रभारी अविनाश पांडे ने एहसास किया था कि हारे हुए विधायकों को टिकट नहीं दिया जाएगा लेकिन एयर स्ट्राइक के बाद देश में अलग हालातों के चलते कांग्रेसी टिकट वितरण में कोई भी पैरामीटर नहीं रखना चाहती है. 

कांग्रेस लोकसभा चुनाव में केवल जिताऊ उम्मीदवारों को ही टिकट देगी जिसमें हारे हुए विधायकों से लेकर हारे हुए एमपी और वर्तमान मंत्री भी शामिल हैं. हालांकि सचिन पायलट यह साफ कर चुके हैं कि उनके परिवार से कोई चुनाव नहीं लड़ेगा लेकिन कुछ पॉलीटिकल बैकग्राउंड वाले नेताओं को भी टिकट दिया जा सकता है.

विधानसभा चुनाव की तुलना में लोकसभा चुनाव के समीकरण बेहद अलग होते हैं. लोकसभा चुनाव में प्रत्याशी के पास एक निश्चित जनाधार होना बेहद जरूरी है. साथ ही लोकसभा सीट पर आने वाले विधायकों का समर्थन भी उसके पास होना बेहद लाजमी है. हारे हुए विधायकों में टिकट की दावेदारी करने वाले नेताओं का कहना है कांग्रेस में लोकतांत्रिक व्यवस्था है टिकट की दावेदारी सभी कर सकते हैं. टिकट देने या नहीं देने का निर्णय पार्टी को करना है.