MP उपचुनाव में सिंधिया के गढ़ में पायलट देंगे चुनौती, कांग्रेस ने बनाई खास रणनीति

16 सीटों में से भी 9 सीटें गुर्जर बाहुल्य हैं. ऐसे में सिंधिया को उन्हीं के गढ़ में मात देने के लिए कांग्रेस में उच्च स्तर पर रणनीति तैयार की गई है.

MP उपचुनाव में सिंधिया के गढ़ में पायलट देंगे चुनौती, कांग्रेस ने बनाई खास रणनीति
दो अच्छे दोस्त बदले वक्त के साथ अब अलग-अलग पार्टियों में आमने-सामने चुनावी मैदान में होंगे.

जयपुर: कभी कांग्रेस (Congress) पार्टी के युवा नेता कहे जाने वाले दो अच्छे दोस्त बदले वक्त के साथ अब अलग-अलग पार्टियों में आमने-सामने चुनावी मैदान में होंगे.  दरअसल, हम बात कर रहे हैं राजस्थान कांग्रेस (Rajasthan Congress) के पूर्व अध्यक्ष सचिन पायलट (Sachin Pilot) और मध्य प्रदेश में कांग्रेस के कद्दावर नेता रहे और अब बीजेपी से राज्यसभा सांसद (Rajyasabha MP) ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) की.

जानकारी के अनुसार, कांग्रेस पार्टी ने मध्य प्रदेश में होने वाले उपचुनाव (MP Bypoll) में सचिन पायलट को स्टार प्रचारक (Star Campaigner) के तौर पर चुनाव प्रचार के लिए भेजने की रणनीति तैयार की है. इसका एक मकसद गुर्जर (Gujjar) वोटों को कांग्रेस के साथ करना है.

वहीं, दूसरे ज्योतिरादित्य सिंधिया के गढ़ में उन्हीं के पुराने दोस्त की ओर से चुनौती पेश करना भी है. मध्य प्रदेश में अगले महीने 27 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होना है. जिन 27 सीटों पर उपचुनाव होना है, उनमें से 16 सीटें ऐसी हैं जो कांग्रेस छोड़कर बीजेपी से राज्यसभा सांसद बने ज्योतिरादित्य सिंधिया के प्रभाव वाले ग्वालियर-चंबल इलाकों में हैं.

16 सीटों में से भी 9 सीटें गुर्जर बाहुल्य हैं. ऐसे में सिंधिया को उन्हीं के गढ़ में मात देने के लिए कांग्रेस में उच्च स्तर पर रणनीति तैयार की गई है. दरअसल, 9 गुर्जर बाहुल्य सीटों पर प्रचार के लिए राजस्थान के पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट को चुनाव मैदान में उतारने की रणनीति बनाई गई है. 9 गु्र्जर बाहुल्य सीटों में कुछ सीटें तो ऐसी हैं जो राजस्थान के जिलों से सटी हैं.

ऐसे में पायलट का इन सीटों पर प्रचार करने से बीजेपी और सिंधिया की परेशानी बढ़ सकती है. सूत्रों के मुताबिक, मध्य प्रदेश प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ (Kamalnath) ने कांग्रेस आलाकमान से सिंधिया के प्रभाव वाली सीटों पर सचिन पायलट को प्रचार में भेजने का आग्रह किया है.

जानकारी के अनुसार, कमलनाथ के आग्रह के बाद राजस्थान के प्रभारी अजय माकन (Ajay Maken) ने भी सचिन पायलट से इस संबंध में बात की है. सचिन पायलट और ज्योतिरादित्य सिंधिया काफी करीबी मित्र माने जाते हैं. दोनों ही नेता कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के भी बेहद करीबी लोगों में शुमार रहे हैं.

हालांकि, मध्य प्रदेश में पार्टी से बगावत कर सिंधिया ने कमलनाथ सरकार गिराई थी और उसके बाद बीजेपी में शामिल होकर राज्यसभा सांसद बने थे. अब मध्य प्रदेश उपचुनाव में दोनों ही नेता प्रचार के दौरान आमने-सामने होंगे. देखना होगा दोनों ही नेता अपनी दोस्ती से इतर एक-दूसरे पर किस तरीके से राजनीतिक हमला बोलते हैं. इसलिए इस लिहाज से मध्य प्रदेश में होने वाला ये उपचुनाव इन दोनों ही युवा नेताओं के लिए किसी बड़ी अग्निपरीक्षा से कम नहीं होगा.