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सचिन पायलट बोले- लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करवाया जाएगा

पायलट विधायकों द्वारा पूछे गए पूरक प्रश्नों का उत्तर दे रहे थे. उन्होंने बताया कि विभाग में कार्य करने की तीन कैटेगरी हैं. पहली में काम पूरा हो गया और संवेदक को भुगतान हो गया. 

सचिन पायलट बोले- लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करवाया जाएगा
(फाइल फोटो)

जयपुर: सार्वजनिक निर्माण मंत्री सचिन पायलट ने मंगलवार को राज्य विधानसभा में बताया कि पिछले वित्तीय वर्ष में नए कार्यों का बजट प्रावधान 240 करोड़ रुपए का था लेकिन इसके विरूद्ध 5 हजार 644 करोड़ रुपए स्वीकृत हुए. उन्होंने सदन को आश्वस्त करते हुए कहा कि उदयपुर संभाग के लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करवाया जाएगा. पायलट विधायकों द्वारा पूछे गए पूरक प्रश्नों का उत्तर दे रहे थे. उन्होंने बताया कि विभाग में कार्य करने की तीन कैटेगरी हैं. पहली में काम पूरा हो गया और संवेदक को भुगतान हो गया. 

दूसरी वह जहां काम पूरा हो गया और भुगतान लंबित है और तीसरी वह जिसकी पिछले वर्ष अक्टूबर-नवंबर में प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति हो गई लेकिन उन कायोर्ं के लिए बजट का प्रावधान नहीं किया गया. उन्होंने बताया कि विभाग के अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर काम करने के लिए भी निर्देशित किया जा चुका है. 

सार्वजनिक निर्माण मंत्री ने बताया कि पूर्ववर्ती सरकार ने स्वीकृति दे दी, एप्रूवल दे दी, टेंडर दे दिए, वर्क ऑर्डर जारी कर दिए लेकिन बजट में पैसा नहीं था. उन्होंने कहा कि नई सरकार बन चुकी है और बजट मिलने के बाद सभी कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा करवाया जा सकेगा.  

इससे पहले विधायक श्री गुलाब चंद कटारिया के मूल प्रश्न के जवाब में श्री पायलट ने उदयपुर संभाग कार्यालय के अधीन विभिन्न योजनाओं के अन्तर्गत चल रहे सड़क कायोर्ं का विवरण  सदन के पटल पर रखा. उन्होंने बताया कि उदयपुर संभाग कार्यालय के अधीन विभिन्न योजनाओं के कार्य संवेदकों को पूर्ण भुगतान नहीं होने से लम्बित हैं.

उन्होंने संवेदकवार सड़क कायोर्ं के बकाया भुगतान का विवरण सदन की मेज पर रखा. उन्होंने बताया कि सभी कार्य वित्तीय स्वीकृति प्राप्त करने के बाद ही प्रारम्भ किए जाते हैं. किन्तु वित्तीय वर्ष 2018-19 में वित्तीय स्वीकृतियों के अनुरूप समुचित बजट प्रावधान ना होने के कारण संवेदकों को पूर्ण भुगतान नहीं हो पाया है. उन्होंने सड़क कायोर्ं का कार्यवार विवरण सदन की मेज पर रखा. -