कृषि कानून पर पायलट का केंद्र पर हमला, कहा-राजस्थान में लागू करने का सवाल ही नहीं

पायलट ने कहा कि जिस तरीके से बिल को राज्यसभा में पारित करवाया गया है, उससे साफ है कि सरकार के पास बहुमत नहीं था.

कृषि कानून पर पायलट का केंद्र पर हमला, कहा-राजस्थान में लागू करने का सवाल ही नहीं
पायलट ने कहा कृषि कानून के माध्यम से किसानों पर कड़ा प्रहार किया गया है.

जयपुर: राजस्थान कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष (PCC) सचिन पायलट (Sachin Pilot) ने सोमवार को प्रेस वार्ता कर केंद्र सरकार के कृषि कानून को किसान विरोधी बताया है. सचिन पायलट ने कहा है जब कांग्रेस इन कृषि कानूनों का विरोध कर रही है, तब राजस्थान में इन कानूनों को लागू करने का कोई सवाल ही नहीं है.

सचिन पायलट ने कृषि कानून को लेकर कहा है कि इसके माध्यम से किसानों पर कड़ा प्रहार किया गया है. जिस तरीके से बिल को राज्यसभा (Rajyasabha) में पारित करवाया गया है, उससे साफ है कि सरकार के पास बहुमत नहीं था. सचिन पायलट ने कहा है कि पूरे देश भर में कांग्रेस इस कानून का विरोध कर रही है.

पायलट ने कहा कि जयपुर में भी मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) और पीसीसी अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटसरा (Govind Singh Dotsara) ने राज्यपाल कलराज मिश्र (Kalraj Mishra) को सोमवार को ज्ञापन दिया है. एनडीए (NDA) के घटक दल भी इस कानून का विरोध कर रहे हैं. जब कांग्रेस इन कानून का विरोध कर रही है तो कृषि कानून को राजस्थान में कैसे लागू किया जा सकता.

उन्होंने कहा कि कृषि राज्य का विषय है. लेकिन किसी भी राज्य की सरकार से कोई चर्चा नहीं की गई है. वहीं, पायलट  ने डूंगरपुर हिंसा पर कहा कि मुझे खुशी है कि डूंगरपुर मामले में वार्ता हुई है. लेकिन हिंसा किसी भी समस्या का कोई समाधान नहीं है. कोई भी सरकार यह नहीं चाहती है कि कानून-व्यवस्था बिगड़े.

पायलट ने कहा कि कुछ लोगों ने इस आंदोलन को भड़काने का काम किया है. हमारे आदिवासी  युवा भाई बहन हिंसा में विश्वास नहीं करते. एनबीसी आरक्षण को लेकर सचिन पायलट ने कहा है कि कांग्रेस की सरकार का मकसद सभी वर्गों को न्याय दिलाना है. हमने जो मुद्दे उठाए हैं उन पर बात चल रही है. तीन सदस्यीय कमेटी से लगातार हमारी बात हो रही है. निश्चित तौर पर मुद्दों का समाधान होगा.