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राजस्थान चुनावः टोंक में जीत दर्ज कर CM की रेस में और आगे निकले सचिन पायलट

लोकसभा चुनाव 2014 में शिकस्त खाने के बाद वह 2018 में विधानसभा चुनाव के मैदान में पहली बार उतारे गए थे

राजस्थान चुनावः टोंक में जीत दर्ज कर CM की रेस में और आगे निकले सचिन पायलट
इस बार सचिन पायलट को ही कांग्रेस समर्थक अपना सीएम उम्मीदवार मान रहे हैं

जयपुर: राजस्‍थान विधानसभा चुनाव के परिणामों के लिए मतगणना की प्रक्रिया आज (मंगलवार) को सुबह 8 बजे से शुरू हो चुकी है. हालांकि रुझानों के मुकाबिक प्रदेश में कांग्रेस जीत की करीब चल रही है. बीच टोंक विधानसभा से सचिन पायलच ने जीत हासिल कर ली है. बता दें कि टोंक विधानसभा में सचिन पायलट के खिलाफ बीजेपी ने युनुस खान को चुनावी मैदान में उतारा था. 

सचिन पायलट की बात करें तो तो पायलट को साल 2014 में राजस्थान कांग्रेस की कमान सौंपी गई. उन्हें कांग्रेस ने प्रदेश अध्यक्ष पद को संभालने को कहा गया. प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर कांग्रेस ने उन्हें अहम जिम्मेदारी दी है. वहीं, लोकसभा चुनाव 2014 में शिकस्त खाने के बाद वह 2018 में विधानसभा चुनाव के मैदान में उतार गए थे. सचिन पायलट कांग्रेस के युवा नेता है. वहीं, इस बार सचिन पायलट को ही कांग्रेस समर्थक अपना सीएम उम्मीदवार मान रहे हैं. 

वहीं बीजेपी की बात करें तो भारतीय जनता पार्टी ने टोंक विधानसभा सीट पर अपने प्रत्याशी को बदलते हुए वहां से मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के करीबी व पीडब्ल्यूडी मंत्री युनुस खान को मैदान में उतारा था. युनुस खान राजस्थान विधानसभा चुनाव में बीजेपी के इकलौते मुस्लिम प्रत्याशी थे. बता दें कि बीजेपी ने 11 नवम्बर को जारी पहली सूची में टोंक से मौजूदा विधायक अजीत सिंह मेहता को अपना उम्मीदवार घोषित किया था, उसके बाद कांग्रेस की ओर से जारी 15 नवम्बर को पहली सूची में पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट को टोंक से पार्टी का उम्मीदवार बनाया गया था. तब बीजेपी ने इस सीट पर पुनर्विचार करते हुए युनुस खान को सचिन पायलट के खिलाफ चुनावी रण में उतारा.

वसुंधरा राजे सरकार में कद्दावर मंत्री रहे युनुस खान ने पिछला चुनाव डीडवाना से जीता था. खान को बीजेपी ने 1998 में पहली बार डीडवाना से मैदान में उतारा था. हालांकि वह अपना पहला चुनाव हार गए थे. 2003 में बीजेपी ने उन पर फिर भरोसा जताया. खान पार्टी के भरोसे पर खरे उतरे और कांग्रेस के रूपा राम डूडी को हराकर पहली बार विधानसभा पहुंचे. हालांकि 2008 में वह रूपा राम डूडी से चुनाव हार गए लेकिन 2013 में फिर से इस सीट पर कमल खिला दिया था. हालांकि इस बार उन्हें कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के सामने करारी हार का सामना करना पड़ा है  

मतगणना में 2,274 प्रत्‍याशियों का भविष्‍य आज तय होगा. राजस्थान में 7 दिसंबर को विधानसभा चुनाव के लिए हुए मतदान में 72.70 फीसदी मतदान हुआ था. बसपा के उम्मीदवार लक्ष्मण सिंह के निधन की वजह से अलवर जिले के रामगढ़ निर्वाचन क्षेत्र में मतदान स्थगित कर दिया गया था. मुख्य मुकाबला कांग्रेस और भाजपा के बीच रहा. लगभग 4.74 करोड़ लोग 2,274 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला किया. इन 2,274 उम्मीदवारों में से 189 महिलाएं हैं.