सादुलशहर: गरीब परिवार के बेटी ने रौशन किया राजस्थान का नाम, जीता गोल्ड मैडल

उमा वर्मा ने कहा उसने दस साल पहले हैंडबाल खेलना शुरू किया था और दस बार नैशनल, आल इंडिया टूर्नामेंट, यूनिवर्सिटीज, फेडरेशन कप और चैम्पियनशिप खेल चुकी है.

सादुलशहर: गरीब परिवार के बेटी ने रौशन किया राजस्थान का नाम, जीता गोल्ड मैडल
हैंडबॉल में गोल्ड मेडल जीतकर गांव का ही नहीं पूरे देश का नाम रौशन किया है.

सादुलशहर: कहते है हर बच्चे में कोई ना कोई हुनर जरूर होता है, जरूरत होती है उस हुनर को पहचानने की और उसे दुनिया के सामने बाहर लाने की. उसे सही दिशा मे प्रेरित करने की. कुछ ऐसा ही हुनर सामने आया है, सादुलशहर के गांव लालगढ़ जाटान से. इसी हुनर की बदौलत गांव लालगढ़ जाटान की रहने वाली एक खिलाड़ी उमा वर्मा ने गांव के साथ साथ अपने अपने माता-पिता का नाम भी रौशन किया है. जी हां, बिल्कुल गरीब परिवार से ताल्लुक रखने वाली उमा वर्मा ने हाल ही में हुई 13 वीं साउथ एशियन खेल प्रतियोगिता में हैंडबॉल में गोल्ड मेडल जीतकर गांव का ही नहीं पूरे देश का नाम रौशन किया है.

बता दें कि, साउथ एशियन गेम्स 2019 का फाइनल नेपाल के पोखरा में खेला गया जिसमें लालगढ़ जाटान की बेटी उमा वर्मा ने गोल्ड मेडल जीता. वैसे तो उमा वर्मा का चयन शारीरिक शिक्षक के पद पर चयन हो गया है, लेकिन उमा इससे भी ऊपर उठकर अपना नाम व अपने गांव का नाम रौशन करना चाहती है. 

उमा वर्मा का सपना है की वह भारतीय क्रिकेट टीम या आईपीएल में खेले. उमा वर्मा गोल्ड मैडल जीतने के बाद सबसे पहले लालगढ़ के हैंडबॉल ग्राउंड में पहुंची. यहां पहुंचने पर सादुलशहर विधायक जगदीश जांगिड़ और समस्त ग्रामीणों ने भव्य स्वागत किया. उमा वर्मा ने कहा उसने दस साल पहले हैंडबाल खेलना शुरू किया था और दस बार नैशनल, आल इंडिया टूर्नामेंट, यूनिवर्सिटीज, फेडरेशन कप और चैम्पियनशिप खेल चुकी है.

उमा वर्मा के पिता ने कहा की उन्होंने रोडवेज में कमीशन एजेंट के तौर पर बीस साल नौकरी की और फिर नरेगा में मेट बने. घर की आर्थिक स्थिति काफी खराब थी. फिर भी उन्होंने बच्चो को पढ़ाया. उन्होंने कहा की उमा के स्कूल की एक टीचर सुखविंदर कौर ने उमा की प्रतिभा को पहचाना और खेल में आगे बढ़ाने की सलाह दी उस दिन के बाद से उन्होंने भी उमा को खेलो में आगे बढ़ने की ठान ली.

उमा वर्मा ने कहा की वे मोबाइल पर बहुत कम समय व्यतीत करती हैं. आज की युवा पीढ़ी को सन्देश देना चाहेंगी की मोबाइल को छोड़ कर पढ़ाई और खेलो की तरफ ध्यान देना चाहिए. जिसके बाद आपको एक दिन कामयाबी जरूर हाशिल होगी.

अपने समय के हैंडबॉल और बास्केटबॉल के राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी रह चुके विधायक जगदीश जांगिड़ ने कहा कि यह हमारे लिए बड़े ही गौरव की बात है. आज राजस्थान की बेटियां प्रत्येक क्षेत्र में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन कर रही है. विधायक ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को उमा वर्मा के लिए विशेष सुविधाये देने के लिए पत्र भी लिखा है.