नागौर: नमक का उत्पादन शुरू, लॉकडाउन में हुआ भारी नुकसान

लॉकडाउन 4 कुछ रियायतों के बाद शुरू हुआ है और शुरू होने के साथ ही कामकाज शुरू हो चुके हैं. 

नागौर: नमक का उत्पादन शुरू, लॉकडाउन में हुआ भारी नुकसान
नमक उत्पादकों ने बताया कि नमक उत्पादन मार्च से जून तक होता है.

हनुमान तंवर, नागौर: लॉकडाउन 4 कुछ रियायतों के बाद शुरू हुआ है और शुरू होने के साथ ही कामकाज शुरू हो चुके हैं. नागौर जिले में सांभर झील और डीडवाना नमक झील में नमक का उत्पादन होता है. लॉकडाउन कि वजह से यहां नमक उत्पादन ठप सा हो गया था. मगर अब रियायत के बाद नमक का उत्पादन शुरू हो चुका है. 

नमक उत्पादकों ने बताया कि नमक उत्पादन मार्च से जून तक होता है. मगर लॉक डाउन की वजह से इस बार नमक का उत्पादन श्रमिकों के नहीं आने से उत्पादन नहीं होने से बड़ा नुकसान भी हुआ है. नमक उत्पादन में क्यारियों में नमक को मजदूरों द्वारा रोजाना मोरना पड़ता तब जाकर नमक का उत्पादन होता है. 

इस बार नमक के आधे सीजन चले जाने तक काम शुरू नहीं हो पाया. रियायत के बाद नमक उत्पादन करने वाले मजदूरों का आना शुरू हो गया है. नमक उत्पादन करने वाले मजदूरों का कहना है कि सरकार को श्रमिकों और उत्पादकों को रियायत दी जानी चाहिये ताकि उत्पादन किया जा सके. नमक उत्पादन में इस बार गिरावट आई है. 

नमक का उत्पादन इस बार 50 प्रतिशत ही हो पाया. मगर आज रियायत के बाद मजदूरों के लौटने से काम शुरू हुआ है. अब ट्रैक्टरों से नमक लदान शुरू हो चुका है. अब ट्रकों का लदान भी जल्द शुरू होने की उम्मीद है. इससे नमक का परिवहन शुरू हो सकेगा. नमक उत्पादकों ने सरकार से मांग की है कि उनको भी इस बार राहत प्रदान कर मुवावजा दिया जाए.

 

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