राजस्थान विधानसभा में अपनी ही सरकार पर सांगोद विधायक का हमला, बोले कि...

भरत सिंह ने कहा कि राजस्थान ऐसा राज्य है, जिसमें एक बार बीजेपी और एक बार कांग्रेस सरकार आती है. दोनों ही सरकारें अच्छी योजनाएं भी लाती हैं.

राजस्थान विधानसभा में अपनी ही सरकार पर सांगोद विधायक का हमला, बोले कि...
भरत सिंह ने कहा कि आपने तीन जिलों में नए नगर निगम बना दिए.

जयपुर: अपनी बेबाकी से चर्चा में रहने वाले पूर्व मंत्री और सांगोद से कांग्रेस विधायक भरत सिंह ने विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर बहस के दौरान सरकार और ब्यूरोक्रेसी को खरी खरी सुनाई. 

भरत सिंह ने कहा कि राजस्थान ऐसा राज्य है, जिसमें एक बार बीजेपी और एक बार कांग्रेस सरकार आती है. दोनों ही सरकारें अच्छी योजनाएं भी लाती हैं लेकिन फिर भी सरकारें रिपीट नहीं होती हैं. 

पूर्व मंत्री ने इसके पीछे का कारण बताते हुए कहा कि इन योजनाओं का डिलीवरी सिस्टम लड़खड़ा जाना बड़ी परेशानी का कारण है. भरत सिंह ने  प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि आज प्रशासनिक व्यवस्था छिन्न-भिन्न हो रही है. सांगोद विधायक ने कहा राजस्थान में हमारी पार्टी की सरकार है, ऐसे में हम ड्राइविंग सीट पर हैं. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हमारे ड्राइवर हैं, और अगर कोई पहिया पंचर हो तो ड्राइवर को उसे बदलना चाहिए. नहीं तो गाड़ी सही नहीं चलेगी.

भरतसिंह ने कहा कि आदर्श गांव आपने बना तो दिए लेकिन इनकी मॉनिटरिंग कौन करेगा? सीएम ने नवंबर माह में आदर्श ग्राम योजना की घोषणा की थी. हमारी सरकार ने गांधीजी के नाम पार ये आदर्श गांव बनाए हैं. कम से कम आदर्श गांवों में तो शराब बंदी की घोषणा करें. उन्होंने कहा कि शराब राजस्व बढ़ाने का जरिया नहीं होनी चाहिए. अपनी ही पार्टी की सरकार को आड़े हाथ लेते हुए भरत सिंह ने कहा कि आपने तो शराब से 10 फीसदी ज्यादा राजस्व बढ़ाने का टारगेट देकर, ज्यादा शराब पीने का टारगेट दे दिया.

दो नगर निगम बन सकते तो फिर दो ज़िला कलेक्टर क्यों नहीं
भरत सिंह ने कहा कि आपने तीन जिलों में नए नगर निगम बना दिए. एक-एक जिले में दो निगम बना दिए. उन्होंने कहा कि जब शहर इतने बड़े हैं तो कलेक्टर दो क्यों नहीं लगा देते? उन्होंने कोटा में लगे अफसरों पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि कोटा में तो अफसर आते ही अपने बच्चें को पढ़ाने के हिसाब से हैं. ज़्यादातर वही अधिकारी कोटा में पोस्टिंग करवाते हैं, जिनको अपने बच्चों को यहां पढ़ाना होता है.
टिड्डियों को लेकर सदन में चर्चा हो रही है लेकिन टिड्डियों से ज्यादा तो हमारी संख्या हो गई है. ऐसे में टिड्डियों पर नहीं बल्कि जनसंख्या पर चर्चा करनी चाहिए. 

विधानसभा में विधायक भरत सिंह ने कहा कि सदन में लगातार टिड्डियों पर चर्चा हो रही है. हम टिड्डियों से डर रहे हैं. टिड्डियों से ज्यादा तो हम हो गए हैं. जनसंख्या नियंत्रण पर सदन में कोई चर्चा नहीं करता जबकि सबसे पहले चर्चा इस विषय पर होनी चाहिए.