5 दिसंबर को लंदन में रचेगा इतिहास, दशकों बाद एक मंच पर दिखेंगे कांग्रेस और BJP के प्रदेशाध्यक्ष

पांच दिसंबर को लंदन में होने वाले इस कार्यक्रम के लिए राजस्थान एसोसिएशन ऑफ यूके ने सचिन पायलट और सतीश पूनिया को आमंत्रित किया है. इससे पहले कांग्रेस और बीजेपी के प्रदेशाध्यक्षों को किसी सार्वजनिक मंच पर पिछले 10-11 साल में एक साथ नहीं देखा गया. 

5 दिसंबर को लंदन में रचेगा इतिहास, दशकों बाद एक मंच पर दिखेंगे कांग्रेस और BJP के प्रदेशाध्यक्ष
पांच दिसंबर का दिन नया इतिहास रचने जा रहा है.

जयपुर: जो अब तक प्रदेश में नहीं हुआ, वह गुरुवार को विदेश की धरती पर होने जा रहा है. लंदन (London) में प्रवासी राजस्थानियों की तरफ से होने वाले कार्यक्रम में कांग्रेस (Congress) और बीजेपी (BJP) दोनों ही राजनीतिक दलों के प्रदेशाध्यक्ष मंच साझा करेंगे. 

पांच दिसंबर को लंदन में होने वाले इस कार्यक्रम के लिए राजस्थान एसोसिएशन ऑफ यूके ने सचिन पायलट और सतीश पूनिया को आमंत्रित किया है. इससे पहले कांग्रेस और बीजेपी के प्रदेशाध्यक्षों को किसी सार्वजनिक मंच पर पिछले 10-11 साल में एक साथ नहीं देखा गया. 

पांच दिसंबर का दिन नया इतिहास रचने जा रहा है. यह इतिहास लंदन में रचा जाएगा, जब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सचिन पायलट और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनियां एक साथ मंच साझा करेंगे. गुरुवार को लंदन में राजस्थान एसोसिएशन ऑफ यूके की तरफ़ से होने वाले प्रवासी राजस्थानी सम्मेलन में दोनों नेता एक साथ दिखेंगे. इस दौरान दोनों नेता अपनी-अपनी पार्टियों का नज़िरया तो रखेंगे ही, साथ ही प्रदेश के विकास और प्रवासियों के अपनी जड़ों से नाते पर भी बात होगी. 

कांग्रेस नेता और सरकार के मंत्री भी मानते हैं कि राजनीति में आपसी प्रतिद्वंद्विता भले हो सकती है लेकिन विदेश में राजनेताओं ने आमतौर पर किसी तरह की प्रतिद्वंद्विता नहीं दिखाई है. उद्योग मंत्री परसादी लाल मीणा कहते हैं कि लंदन में होने वाले प्रवासी सम्मेलन में भी दोनों नेता सद्भाव के साथ विकास के विज़न पर ही बात करेंगे. 

अटलजी की श्रद्धांजलि सभा के दौरान आए थे एकसाथ 
इससे पहले पिछले दस-ग्यारह साल में राजस्थान में दोनों पार्टियों के प्रदेशाध्यक्ष एक साथ मंच साझा करते हुए नहीं दिखे हालांकि पिछले पांच साल में सचिन पायलट के पीसीसी चीफ रहने के दौरान कुछ कार्यक्रम ऐसे रहे, जहां पीसीसी चीफ और तत्कालीन मुख्यमंत्री एक साथ दिखे लेकिन ऐसा भी एक बार तो भीलवाड़ा में सवाईभोज मंदिर के महंत के निधन के बाद उनकी श्रद्धांजलि सभा में हुआ तो दूसरी बार जयपुर के ही महावीर स्कूल में पूर्व प्रधानमंत्री अटलबिहारी वाजपेयी की श्रद्धांजलि सभा में. अटलजी की श्रद्धांजलि सभा के दौरान तो सभी दलों के लोग आए थे और उस कार्यक्रम में तो पीसीसी चीफ के साथ ही तत्कालीन बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष के रूप में मदनलाल सैनी भी पहुंचे थे. इससे पहले डॉक्टर चंद्रभान, सीपी जोशी या बीडी कल्ला के पीसीसी चीफ रहते भी दोनों पार्टियों के प्रदेशाध्यक्षों का मंच साझा करना नहीं हुआ. 

बीजेपी और कांग्रेस की राजस्थान इकाई के प्रदेशाध्यक्षों के मंच साझा करने से पांच दिसंबर का दिन तो ऐतिहासिक हो जाएगा लेकिन यह इतिहास भविष्य के लिए कितनी मजबूत इबारत लिखेगा, इसका साक्षी तो सिर्फ वक्त ही रहेगा.