निकाय चुनाव नतीजों के बाद बोले सतीश पूनिया- जरूरत पड़ी तो निर्दलीयों को भी समर्थन देगी BJP

बीजेपी के प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया ने साफ कर दिया है कि उनकी पार्टी ज्यादातर निकायों में चेयरमैन के लिए पर्चा दाखिल करेगी.   

निकाय चुनाव नतीजों के बाद बोले सतीश पूनिया- जरूरत पड़ी तो निर्दलीयों को भी समर्थन देगी BJP
पूनिया ने कहा कि कुछ जगह समान विचार वाले लोगों की मदद लेंगे.

जयपुर: निकाय चुनाव परिणामों में 20 जगह कांग्रेस और 6 पर बीजेपी का बोर्ड बनना तय है लेकिन बीजेपी ने साफ कर दिया है कि वह कांग्रेस को खुला मैदान नहीं देने वाली है. बीजेपी के प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया ने साफ कर दिया है कि उनकी पार्टी ज्यादातर निकायों में चेयरमैन के लिए पर्चा दाखिल करेगी. 

पूनिया ने कहा कि कुछ जगह समान विचार वाले लोगों की मदद लेंगे और इससे भी बढ़कर उन्होंने कहा कि अगर पार्टी को महसूस हुआ तो चुनिंदा निकायों में निर्दलीय पार्षदों को भी चेयरमैन पद पर समर्थन दिया जा सकता है. इस दौर में पार्टियां पार्षदों की आउटगोइंग और इनकमिंग के लिए भी तैयार दिख रही हैं. 

ली जाएगी निर्दलीयों की मदद
निकाय चुनाव के नतीजे आने के बाद अब निकायों के मुखिया की दौड़ शुरू हो गई है. भले ही बीजेपी पिछले चुनाव के मुकाबले पिछड़ गई हो लेकिन अभी भी पार्टी के हौंसले बुलंद दिखाई दे रहे हैं. बीजेपी के प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया ने साफ कर दिया है कि जिन छह निकाय में पार्टी को साफ बहुमत मिला है, वहां तो वे बोर्ड बना ही रहे हैं लेकिन जहां उन्हें बढ़त है, वहां भी निर्दलीयों से संपर्क किया गया है. पूनिया ने कहा कि वे विपक्षी पार्टी को खुला मैदान नहीं देने वाले. बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि जहां कहीं समान विचारधारा वाले पार्षद साथ आएंगे, वहां उनकी मदद ली जाएगी.

निर्दलीयों को भी चेयरमैन पर बिठाने के लिए तैयार बीजेपी
इतना ही नहीं, बीजेपी तो कांग्रेस को रोकने के लिए निर्दलीयों को भी चेयरमैन पर बिठाने के लिए तैयार दिख रही है. पूनिया ने माना कि कुछ जगह निर्दलियों को समर्थन देना पड़ा तो यह भी किया जाएगा. बीजेपी ने इस पर फ़ैसला लेने के लिए स्थानीय टीम और प्रभारियों को ज़िम्मा दिया है. इस मामले में निकाय प्रभारी के साथ ही समन्वयक और ज़िला प्रभारी प्रदेश टीम से तालमेल में रहेंगे. 

कांग्रेस में जा रहे बीजेपी पार्षद
पूनिया कांग्रेस को रोकने की बात तो कर रहे हैं लेकिन भरतपुर और दूसरे कुछ निकायों में बीजेपी के पार्षदों के कांग्रेस के खेमे में जाने की खबरें भी आई हैं. इस पर सतीश पूनिया ने कहा कि निकाय चुनाव में दल-बदल रोधी कानून लागू नहीं होता और इस परिस्थिति को कुछ पार्षद सहूलियत समझ लेते हैं.

पूनिया ने कहा कि इस छोटे चुनाव में जिस अनुशासन की अपेक्षा रहती है, वह कई बार पूरी तरह नहीं हो पाता. उन्होंने यह तो माना कि पार्षदों को एकजुट रखना चुनौती है लेकिन साथ ही उन्होंने यह भी माना कि अगर बीजेपी के कुछ पार्षद दूसरी पार्टी के खेमे में जा रहे हैं तो सामने वाली टीम के भी कुछ पार्षद भी इधर ज़रूर आएंगे.