राजस्थान: ऊर्जा विभाग का प्लान बचत, बिजली की छीजत में कमी की तैयारी

घाटे से जुझ रही बिजली कपंनियों से राहत की खबर है. मौजूदा सरकार के आने के बाद प्रदेश में बिजली की छीजत में 2.6 प्रतिशत की कमी आई है. 

राजस्थान: ऊर्जा विभाग का प्लान बचत, बिजली की छीजत में कमी की तैयारी
फाइल फोटो

जयपुर: घाटे से जुझ रही बिजली कपंनियों से राहत की खबर है. मौजूदा सरकार के आने के बाद प्रदेश में बिजली की छीजत में 2.6 प्रतिशत की कमी आई है. प्रदेश में छीजत को 2023 तक 15 प्रतिशत के स्तर तक लाने के लिए विद्युत तंत्र में सुधार के लिए सरकार लगातार कदम उठा रही है. ऊर्जा मंत्री डॉ. बीडी कल्ला ने यह दावा किया है. उनका कहना है कि 1 प्रतिशत छीजत कम होने पर 450 करोड़ रुपए की बचत बिजली कंपनियों की होती है. अब तक 1100 करोड़ रुपए की बचत बिजली कंपनियों ने इससे की है.

बिजली कंपनियों का घाटा 90 हजार करोड़ रुपए के स्तर को पार कर चुका है. छीजत में इजाफे, कमजोर प्रबंधन और भ्रष्ट्राचार के चलते विभाग लगातार घाटे से जुझ रहा है. हालात यह है कि उपभोक्ताओं को सबसे महंगी बिजली देने वाले राज्यों में राजस्थान का नाम भी शामिल हो चुका है. अब जब कोविड-19 के चलते राजस्व चुनौतियां है तो ऊर्जा विभाग (Energy Department) भी प्लान बचत पर काम कर रहा है. प्रदेश के 33 में से एक दर्जन जिलों में छीजत रिकॉर्ड स्तर पर है. 

जयपुर, जोधपुर और अजमेर डिस्कॉम के प्रयासों के बावजूद इन इलाकों में बिजली चोरी रुक नहीं पा रही है. डिस्कॉम अब फीडर और जिम्मेदारी तय कर कर्मचारियों को सख्ती से बिजली चोरी रोकने के निर्देश दे रही है. वहीं, विजिलेंस विंग को भी बिजली चोरी वाले इलाकों में छापेमारी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं. बिजली छीजत काम करने के लिए विजिलेंस चैकिंग करने, मीटर बदलने, बिल सही देने सहित अन्य उपाय करने के निर्देश दिए है. 

डिस्कॉम में बिजली चोरी रोकने व अन्य सुधार के लिए एक्सईएन लेवल के अधिकारियों को लक्ष्य दिया जा रहा है. काम नहीं करने पर अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी. वित्तीय वर्ष 2019-20 में बिजली छीजत 18.43 फीसदी ही रही. जबकि 2018-19 में 20.10 फीसदी थी. अब इसे 15 प्रतिशत तक लाने की तैयारी है.

लॉकडाउन और उसके बाद से बिजली चोरी की घटनाओं में तेजी हैं, ऐेसे में मौजूदा वित्तीय वर्ष में बिजली छीजत 15 फीसदी तक लाने के लक्ष्य के लिए डिस्कॉम्स को भी अपनी रणनीति में बदलाव करना पड़ रहा है. जयपुर डिस्कॉम की विजिलेंस विंग अब अपना पारंपरिक तरीका बदल रही है। अब दिन के बजाए रात को विजिलेंस चैकिंग कर बिजली चोरी पकड़ रही है. ज्यादातर कच्ची बस्तियों, ग्रामीण इलाकों व मोहल्लों में रात के समय लाइनों पर अवैध तार लगा कर बिजली चोरी की सूचना विभाग को मिल रही है. छापेमारी के दौरान महिला पुरूषकर्मियों की भी मौजूदगी तय की गई है. बिजली कंपनियां अपने तय लक्ष्य को समय पर पा लेती है तो बढ़ते घाटे पर भी रोक लग सकेगी.

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