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Amreshwar Mahadev Temple: रणथम्भौर राष्ट्रीय उद्यान के मार्ग पर ऊंची पहाड़ियों और घने जंगल के बीच बसा अमरेश्वर महादेव मंदिर राजस्थान के प्रमुख धार्मिक आकर्षणों में से एक है. यह मंदिर न केवल अपनी पवित्रता के लिए जाना जाता है, बल्कि इसका इतिहास भी अत्यंत प्राचीन है. यह लगभग 1200 साल पुराना माना जाता है जो रणथंभौर किले से भी पुराना है, जिसे 300-400 साल पहले खोजा गया था.
प्राकृतिक सौंदर्य से घिरा पवित्र स्थल
सवाई माधोपुर शहर के पास सुंदर हरी पहाड़ियों के बीच स्थित इस मंदिर में भगवान शिव का एक प्राचीन शिवलिंग स्थापित है. वर्षाकाल में यहां एक मनोरम और कलकल करता झरना बहता है, जो इस स्थान के प्राकृतिक सौंदर्य को और बढ़ा देता है.
स्थान: यह मंदिर रणथंभौर राष्ट्रीय उद्यान के रास्ते में और रेलवे स्टेशन से लगभग 7 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है.
शुरुआती वर्षों में, चारों ओर घने जंगल के कारण मंदिर तक पहुंचना लगभग असंभव था. आज भी रणथम्भौर रोड के माध्यम से वन क्षेत्र के अंदर एक किलोमीटर तक पैदल या गाड़ी चलाकर जाना पड़ता है, हालांकि अब मानव निर्मित मार्ग बना दिए गए हैं.
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शिवरात्रि का विशेष आकर्षण
यह मंदिर दूर-दूर के भक्तों के लिए आस्था का केंद्र है. यहां आकर भक्तजन भगवान महादेव का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं. प्रतिवर्ष शिवरात्रि के अवसर पर यहां एक विशाल मेला (मेला) आयोजित किया जाता है और पूरी रात जागरण होता है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए उमड़ते हैं.
यदि आप रणथम्भौर जा रहे हैं, तो प्रकृति की गोद में बसे इस प्राचीन शिव मंदिर अमरेश्वर महादेव का एक बार अवश्य दर्शन करें.
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