Sawai Madhopur: सवाई माधोपुर में नन्हें क्रिकेटरों का अनोखा प्रदर्शन! क्रिकेट किट पहनकर कलेक्ट्रेट गेट पर नारेबाजी, जिला कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन.
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Sawai Madhopur: सवाई माधोपुर में क्रिकेट एकेडमी और जिला क्रिकेट संघ से जुड़े नन्हें-मुन्ने बच्चों ने कलेक्ट्रेट के सामने अनोखा प्रदर्शन किया. इन बच्चों ने पूर्ण क्रिकेट किट पहनकर और हाथों में क्रिकेट बैट लेकर कलेक्ट्रेट गेट पर नारेबाजी की और जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा. बच्चों के इस प्रदर्शन ने सबका ध्यान आकर्षित किया.
इस प्रदर्शन में बच्चों के साथ जिला क्रिकेट संघ के पदाधिकारी और कोच भी मौजूद थे. कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन करने से पहले, बच्चे जिला क्रिकेट पदाधिकारियों और कोच के साथ इंद्रा मैदान पहुंचे, जहां उन्होंने मैदान के प्रवेश द्वार पर ताला जड़ दिया और टेंट लगाकर धरना दिया. इस दौरान बच्चों ने जमकर नारेबाजी की और अपनी मांगों के प्रति एकजुटता दिखाई.
बच्चों ने बताया कि जिला मुख्यालय पर क्रिकेट के लिए एकमात्र इंदिरा मैदान है, जहां जिला क्रिकेट संघ का प्रैक्टिस सेंटर और पिच भी बनी हुई है. इस मैदान पर क्रिकेट संघ से जुड़े बच्चे और अन्य बच्चे नियमित रूप से क्रिकेट का अभ्यास करते हैं. हालांकि, जिला प्रशासन और नगर परिषद द्वारा हर दूसरे महीने इस मैदान को मेला लगाने के लिए आवंटित कर दिया जाता है, जिससे बच्चों की प्रैक्टिस बाधित होती है.
बच्चों और कोच ने बताया कि इंदिरा मैदान पर हर दूसरे महीने कोई न कोई मेला या अन्य आयोजन होते रहते हैं, जिससे बच्चों की क्रिकेट प्रैक्टिस बाधित होती है. मेले के दौरान न केवल प्रैक्टिस बंद करनी पड़ती है, बल्कि मेले के बाद मैदान में भारी गंदगी भी फैल जाती है. हैरानी की बात है कि न तो मेला आयोजक और न ही नगर परिषद इस गंदगी को साफ करने की जिम्मेदारी लेते हैं. इतना ही नहीं, मेला आयोजक मैदान पर बनी पिच को भी खराब कर देते हैं, जिससे बच्चों की प्रैक्टिस के लिए मुश्किलें बढ़ जाती हैं.
बच्चों को मजबूरन मैदान से गंदगी साफ करनी पड़ती है, और जैसे ही वे प्रैक्टिस शुरू करते हैं, वैसे ही दूसरा मेला लगने की तारीख आ जाती है. इससे बच्चों की प्रैक्टिस लगातार बाधित होती रहती है. बच्चों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन देकर मांग की है कि इंदिरा मैदान पर मेला लगाने की अनुमति न दी जाए, मैदान की साफ-सफाई सुनिश्चित की जाए और इसे पूरी तरह से क्रिकेट खेलने के लिए आरक्षित रखा जाए, ताकि वे बिना किसी बाधा के अपने खेल पर ध्यान केंद्रित कर सकें.