सिगरेट पीने वालों के लिए बड़ी खबर, जानें कोरोना का कितना होता है आप पर असर

कोरोना जैसी महामारी का असर भी सिगरेट, बीड़ी पीने वालों पर अधिक होता है क्योंकि उनका इम्यूनिटी सिस्टम कमजोर हो जाता है.

सिगरेट पीने वालों के लिए बड़ी खबर, जानें कोरोना का कितना होता है आप पर असर
प्रतीकात्मक तस्वीर.

जयपुर: एक सिगरेट व्यक्ति के जीवन के अमूल्य 11 मिनट का समय कम कर देती है. आंकड़ों पर नजर डालें तो ज्ञात होगा कि देश में लगभग 12 करोड़ लोग धूम्रपान करते हैं. उसमें युवाओं की तादात अधिक है. हर वर्ष एक करोड़ से अधिक लोगों की मौत का कारण सिर्फ तंबाकू सेवन हैं. 

अभी भी तंबाकू दुनिया में मौत का दूसरा सबसे बड़ा कारक है. विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर यह जानकारी जयपुर के गांधी अस्पताल के वरिष्ठ हृदय रोग विषेषज्ञ डॉ. राजीव शर्मा ने दी. उन्होंने बताया कि भारत दुनिया में दूसरे नंबर पर है, जहां युवा आबादी का 17 प्रतिशत हिस्सा तंबाकू सेवन करता है.

कोरोना जैसी महामारी का असर भी सिगरेट, बीड़ी पीने वालों पर अधिक होता है क्योंकि उनका इम्यूनिटी सिस्टम कमजोर हो जाता है. धूम्रपान का शरीर पर बहुत बुरा असर होता है. इसके सेवन से ह्रदय तथा फेफड़ों का रंग कोलतार जैसा हो जाता है तथा खून गाढ़ा हो जाता है. मस्तिष्क तथा हृदयघात का खतरा बढ़ जाता है. हाथ-पांव की नसें सख्त होने लगती हैं, कोलेस्ट्रोल बढ़ जाता है तथा ब्लॉकेज होने लगते हैं. एक सिगरेट के सेवन से शरीर में इतना अधिक निकोटिन आ जाता है कि जिसके कारण 8 से 10 घंटे तक ह्रदय की धड़कन असामान्य रूप से बढ़ जाती है. ब्लड प्रेशर अधिक हो जाता है तथा इसकी वजह से ह्रदय को अधिक काम करना पड़ता है.

इस मौके पर महात्मा गांधी अस्पताल के कैंसर रोग विषेषज्ञ डॉ. अजय यादव ने भारत में मुंह एवं फेफड़ों के कैंसर की मुख्य वजह तंबाकू है. लंग्स कैंसर में 85 प्रतिशत रोगी तंबाकू के कारण होते हैं. तंबाकू सेवन से भोजन नली का कैंसर, आमाशय, किडनी, यूरिनरी ब्लेडर का कैंसर होता है. तंबाकू सेवन जारी रखने से दवा का असर भी कम हो जाता है और बीमारी के पुनः होने का खतरा भी बढ़ जाता है.

महात्मा गांधी अस्पताल के चेस्ट एण्ड टीबी विभाग के प्रोफेसर डॉ. महेश मिश्रा ने बताया विश्व में करीब प्रति चार सेकंड में एक व्यक्ति की मौत होती है. कोरोना रोग धूम्रपान करते उनमें गंभीर रूप प्रभावित करता है. स्मोकिंग सांस प्रणाली पर गम्भीर नकारात्मक प्रभाव डालती है. स्मोकिंग फेफड़े के कैंसर एवं सीओपीडी का भी मुख्य कारण है. सभी तरह की तंबाकू का उपयोग जिसमें बीडी, सिगरेट, ई सिगरेट, गुटखा जर्दा, हुक्का इत्यादि स्वाथ्य के लिए हानिकारक है. राजस्थान सीओपीडी की डेथ के पिटल है.

तंबाकू अनेक बीमारियों के लिए जिम्मेदार
चिकित्सकों के अनुसार, तंबाकू सेवन से हैड एण्ड नैक, फेफड़े, आमाशय, गुर्दा, अग्नाशय, मूत्राशय, बच्चेदानी के मुख आदि प्रकार के कैंसर होने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है. इसके अलावा ब्लड प्रेशर, ह्रदय वाहिनियों में रूकावट, निमोनिया, नपुंसकता तथा हड्डियों का कमजोर पड़ने जैसी बीमारियों की वजह तंबाकू हो सकता है. यही वजह है कि चिकित्सक ह्रदय रोगों की बीमारी सामने आने पर सबसे पहले तंबाकू सेवन को बंद करने को कहता है.