थानों से ज्यादा स्कूलों में दिख रही डूंगरपुर पुलिस, बताई ये बड़ी वजह

यूनिसेफ के सहयोग और डूंगरपुर एसपी जय यादव की पहल पर जिले के सभी थानों का स्टाफ स्कूलों में जाकर और बच्चों को थानों का भ्रमण करवाते हुए उनके जागरूक करने का काम कर रहे हैं.

थानों से ज्यादा स्कूलों में दिख रही डूंगरपुर पुलिस, बताई ये बड़ी वजह
पुलिसकर्मियों द्वारा बच्चों की शंकाओं और सवालों का समाधान भी किया जाता है.

अखिलेश शर्मा, डूंगरपुर: अब तक आपने पुलिस को चोरों को पीछे भागते और कानून व्यवस्था में लगे रहते देखा होगा लेकिन डूंगरपुर जिले में पुलिस विभाग ने स्कूली बच्चों को बाल अधिकारों और उनके लिए बने कानूनों के प्रति जागरूक करने का बीड़ा उठा रखा है.

यूनिसेफ के सहयोग और डूंगरपुर एसपी जय यादव की पहल पर जिले के सभी थानों का स्टाफ स्कूलों में जाकर और बच्चों को थानों का भ्रमण करवाते हुए उनके जागरूक करने का काम कर रहे हैं.

दरअसल, डूंगरपुर जिले में यूनिसेफ के सहयोग से पुलिस विभाग की ओर से पुलिस को चाइल्ड फ्रेंडली बनाने और स्कूली बच्चों को उनके अधिकारों और विभिन्न कानूनों से अवगत करवाने के लिए विद्यालय सुरक्षा अभियान चला रखा है. अभियान के तहत प्रत्येक मंगलवार को जिले के प्रत्येक थाने के थानाधिकारी के नेतृत्व में पुलिस कर्मी अपने थाना क्षेत्र के एक स्कूल में जाते हैं, जहां वे बच्चों को बालश्रम, बाल विवाह, यौन शोषण, बैड टच, गुड टच की जानकारी के साथ, पोक्सो एक्ट और यातायात नियमों की जानकारी देते हुए उनका पालन करने के लिए प्रेरित करते हैं.

इतना ही नहीं, पुलिस की ओर से समय-समय पर स्कूली बच्चों को थानों का भी भ्रमण करवाया जाता है, जहां पर पुलिस द्वारा स्कूली बच्चों को थानाधिकारी कक्ष, रिकॉर्ड रूम, हवालात, शस्त्रागार का अवलोकन करवाने के साथ पुलिस की गतिविधियों के बारे में जानकारी प्रदान की जाती है. साथ ही पुलिसकर्मियों द्वारा बच्चों की शंकाओं और सवालों का समाधान भी किया जाता है.

बच्चों में जागरूकता आएगी
डूंगरपुर एसपी जय यादव ने बताया कि आजकल जितने भी अपराध हो रहे हैं, उनमें अधिकतर नाबालिग बच्चे सामने आते हैं. उसी को ध्यान में रखते हुए ये अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें बच्चों को सभी प्रकार के अपराधों, उनकी सजा और विभिन्न कानूनी प्रावधानों के बारे में जागरूक किया जा रहा है. यादव ने उम्मीद जताई कि इस प्रकार के अभियान के माध्यम से बच्चों में जागरूकता आएगी, वे स्वयं जागरूक होकर अपने परिवार, आसपास में रहने वाले लोगो को भी जागरूक करेंगे.

dungarpur

इधर पुलिस की ओर से शुरू की गई पहल से स्कूली बच्चे भी उत्साहित नजर आते हैं. बच्चों का कहना है कि पुलिस अंकल द्वारा दी जा रही जानकारी से उन्हें काफी कुछ सिखने को मिला है और जो भ्रान्तिया पुलिस के प्रति उनके दिल में थी, वो भी दूर हुई है.

वैसे तो किसी न किसी मामले में पुलिस के कार्यशैली पर आमजन द्वारा सवाल खड़े किए जाते रहे हैं लेकिन डूंगरपुर जिले की पुलिस बच्चों के साथ फ्रेंडली होने की यह पहल पुलिस का अलग चेहरा जनता के सामने प्रस्तुत कर रही है, जो की काबिले तारीफ़ है. वही ऐसे में आवश्यकता है कि डूंगरपुर पुलिस से प्रेरणा लेकर अन्य जिलो की पुलिस भी एक अलग नजीर जनता के सामने पेश करे.