बुसान फिल्मोत्सव में होगा मनोज बाजपेयी की फिल्म 'भोंसले' का प्रीमियर

देवाशीष मखीजा द्वारा निर्देशित 'भोंसले' को 'ए विंडो ऑन एशियन सिनेमा' वर्ग में नामित किया गया है.

बुसान फिल्मोत्सव में होगा मनोज बाजपेयी की फिल्म 'भोंसले' का प्रीमियर
फिल्मोत्सव का समापन 13 अक्टूबर को होगा.

नई दिल्ली: राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता अभिनेता मनोज बाजपेयी की राजनीति पर आधारित फिल्म 'भोंसले' 23वें बुसान अंतर्राष्ट्रीय फिल्मोत्सव 2018 में दिखाई जाएगी. यह फिल्मोत्सव चार से 13 अक्टूबर तक चलेगा.

देवाशीष मखीजा द्वारा निर्देशित 'भोंसले' को 'ए विंडो ऑन एशियन सिनेमा' वर्ग में नामित किया गया है. इसके तहत दो अंतिम फिल्मों को 10,000 डॉलर की नकद राशि दी जाएगी. फिल्मोत्सव का समापन 13 अक्टूबर को होगा. 

मनोज ने कहा,'प्रतिष्ठित बुसान फिल्मोत्सव में 'भोंसले' के प्रीमियर से हम सम्मानित महसूस कर रहे हैं. 'अलीगढ़' और 'इन द शेडो' के बाद 'भोंसले' मेरी तीसरी फिल्म है, जो बुसान में दिखाई जाएगी'.

बता दें कि हाल ही में मनोज बाजपेयी फिल्म 'सत्यमेव जयते' में नजर आए थे. इस फिल्म में मनोज नें सत्यता के रथ पर इमानदारी से अपनी ड्यूटी करने वाले पुलिस ऑफिसर का किरदार निभाया हैं. अपनी एक्टिंग का लोहा मनवाने वाले मनोज वाजपेयी ने फिल्म को अपना हंड्रेड परसेंट दिया है यह उनके एक्टिंग को देख कर एहसास हो जाता है, जिसने फिल्म को बेहतर बनाने में काफी मदद की है .

'सत्यमेव जयते' में वह एक किरदार शांत वाले सुलझे हुए पुलिसवाले के रूप में नजर आए है. लायक बेटा, कैरिंग बड़ा भाई, जिम्मेदार पति और पिता ,ईमानदार पुलिस ऑफिसर के रूप में मनोज बाजपेयी के किरदार के अलग-अलग रंग फिल्म में नजर आए हैं.

संक्षेप में फिल्म की कहानी बदले की कहानी है जिसमें ईमानदार पुलिस ऑफिसर पर लगे झूठे करप्शन चार्जेस के बाद उसके द्वारा की गई आत्महत्या और उसके बदले की कहानी है. मनोज बाजपेयी और जॉन अब्राहम इंस्पेक्टर शिवकुमार के बच्चे हैं. जॉन अब्राहम अपने पिता की ईमानदार छवि को वापस लेने का बीड़ा हाथ में उठाता है और करप्ट ऑफिसर को अपने हाथ में कानून लेकर सजा देने लगता है वही मनोज बाजपेयी ईमानदार ऑफिसर का किरदार निभाते हैं और कातिल को ढूंढने की जद्दोजहद में लगे रहते हैं ...जॉन अब्राहम फिल्म में कई बार ऐसी जगह पर प्रकट हो जाते हैं जो बिल्कुल अकल्पनीय लगता है. और एक्शन से अपना बदला पूरा करते हैं.

(इनपुट-आईएएनएस)